डीएनबी भारत डेस्क
बछवाड़ा थाना क्षेत्र के अरवा पंचायत स्थित राजकीय कृत मध्य विद्यालय जहांपुर में बुधवार को ग्रिल से दवाकर अष्टम् वर्ग में अध्यनरत छात्र की मौत हो गयी. मौत के उपरांत विद्यालय परिसर में अफरातफरी का माहौल हो गया. विद्यालय में कार्यरत शिक्षक मृतक छात्र को छोड़ भाग गये. मृतक छात्र की पहचान अरवा पंचायत के अरवा गांव निवासी फुलों यादव का 13 वर्षीय पुत्र मुन्ना कुमार के रूप में की गयी.

स्थानीय लोग ज्ञानदेव कुमार,सीताराम यादव,विनोद सिंह,अरुण यादव,राम देव सहनी ने बताया कि उक्त छात्र राजकीय कृत मध्य विद्यालय जहांनपुर में विद्यालय का निर्माण चल रहा है जिसका ग्रील अष्टम् वर्ग में रखा हुआ था. बुधवार को मध्यान भोजन के दौरान सभी छात्र भोजन करने के उपरांत बरामदे पर ही था, उक्त छात्र वर्ग कक्ष में ही मौजूद था. जब अन्य छात्र अपने वर्ग कक्ष के अन्दर गया तो देखा की उक्त छात्र चार से पांच ग्रील के निचे दवा हुआ है और उसके सर से ब्लड गिर रहा है. छात्र के द्वारा विद्यालय के शिक्षकों व अन्य छात्रों को बताया गया. लेकिन शिक्षक उस घायल छात्र को इलाज के बजाय अपने अपने घर भाग गया. परिजनों को सूचना मिलते ही ग्रामीणों के साथ विद्यालय परिसर पहुंचकर घायल छात्र को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बछ्वाड़ा में भर्ती कराया. जहां डॉक्टर ने इलाज के दौरान छात्र को मृत घोषित कर दिया.
आक्रोशित परिजन समेत ग्रामीणो ने मृतक छात्र के शव को अरवा गांव के समीप बछवाड़ा से मंसूरचक सड़क पर रखकर सड़क जाम कर दिया. वही आक्रोशित ग्रामीण जब तक विद्यालय पहुंचे तब तक विद्यालय से एचएम व कम्प्यूटर शिक्षक को छोड़कर अन्य शिक्षक विद्यालय छोड़कर अपने अपने घर जा चुके थे. ग्रामीणों ने जब विद्यालय के एचएम। से घटना के बारे में जानकारी मांगी तो एचएम ने कहा हम वर्ग में नहीं थे, इसी बात से आक्रोशित लोगों ने एचएम समेत कम्प्यूटर शिक्षक के साथ मारपीट कर बंधक बना लिया. सूचना पर पहुंची बछ्वाड़ा थाना की पुलिस ने घटना स्थल पर पहुंचकर एचएम समेत शिक्षक को ले जाने की हर संभव कोशिश की लेकिन ग्रामीणों के आक्रोश इतना उग्र था की पुलिस को पीछे हटना पड़ा.

ग्रामीणों को उग्र देख पुलिस के द्वारा घटना की सूचना तेघड़ा डीएसपी को दी गयी. सूचना मिलते ही तेघड़ा एसडीएम राकेश कुमार,डीएसपी कृष्ण कुमार, बीडीओ अभिषेक राज,सीओ प्रीतम गौतम, समेत तेघड़ा,बरौनी,तेयाय ओपी,भगवानपुर,मंसूरचक थाना की पुलिस घटना सृथल पर पहुंच गयी. कुछ ही देर में विद्यालय परिसर पुलिस छावनी में तब्दील हो गयी. पुलिस पदाधिकारी के द्वारा आक्रोशित लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस प्रशासन की बात आक्रोशित ग्रामीण सुनने को तैयार नहीं हुए. बीच बीच में पुलिस प्रशासन व आक्रोशित ग्रामीण के साथ झड़प होते रहा.
करीब छह घंटे के बाद पुलिस प्रशासन ने एचएम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने व विभागीय कार्यवाही के आश्वासन पर समझा बुझाकर विद्यालय के एचएम समेत शिक्षक को मुक्त कराया. पुलिस पदाधिकारी ने बछवाड़ा मंसूरचक पथ पहुंचकर आक्रोशित लोगों को समझा बुझाकर मृतक छात्र के शव को अपने कब्जे में लेते हुए करीब साढ़े छह घंटे के बाद सड़क जाम ख़त्म कराया. मामले को लेकर तेघड़ा एसडीएम राकेश कुमार ने बताया कि वर्ग कक्ष में रखे ग्रील से दबकर छात्र की मौत हुए हैं,इस मामले में विद्यालय के एमएम को जिला शिक्षा पदाधिकारी के द्वारा निलंबित किया गया है. मामले की जांच किया जा रहा है. जांचोपरांत दोषी पर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी.
परिजनों की चीख-पुकार से नम हुईं सबकी आंखें
छात्र की मौत की खबर जैसे ही गांव वालो को मिली, चारों तरफ मातमी सन्नाटा पसर गया परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। माता-पिता और भाई-बहनों के चीख-पुकार को सुनकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। पूरा माहौल अत्यंत कारुणिक और गमगीन बन गया। ग्रामीणों ने बताया कि मृतक छात्र स्वभाव से बेहद मिलनसार था। मृतक छात्र पांच भाई में सबसे छोटा था। उसके असमय चले जाने से पूरे गांव ने एक होनहार भविष्य खो दिया है। इस दुखद घड़ी में हर कोई स्तब्ध था और पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करने वाले जनप्रतिनिधी,समाजसेवी,राजनीतक दल के लोगो परिजन को स्वन्ताना दे रहे थे लेकिन परिजनों का रो रो कर बुरा हाल बना हुआ था।
बेगूसराय बछवाड़ा संवाददाता मनोज कुमार राहुल की रिपोर्ट