डीएनबी भारत डेस्क
समस्तीपुर शहर में स्थित बी.आर.बी. कॉलेज में समता आंदोलन के तहत आइसा, आरवाईए, भीम आर्मी, एआईएसएफ, एनएसयूआई, एसएफआई के छात्र-युवा संघठनों ने प्रेस वार्ता का आयोजन किया। प्रेस वार्ता के माध्यम से यूजीसी रेगुलेशंस- 2026 पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाने के खिलाफ तथा SC/ST/EBC/BC के लिए 65 प्रतिशत आरक्षण को प्रभावी रूप से लागू करने की मांग को लेकर चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की गई।

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए आइसा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सामाजिक न्याय और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए राज्यभर के शैक्षणिक संस्थानों, वेलफेयर हॉस्टलों और वंचित-बहुजन समाज के बीच व्यापक जन अभियान बिहार भर में अलग-अलग जोनों में समता आंदोलन अभियान चलाया जा रहा है. शिक्षण संस्थानों में बराबरी, प्रतिनिधित्व और न्याय की लड़ाई को और तेज कर यूजीसी- 2026 को रोहित एक्ट के तर्ज पर लागू करने की मांग करते हुए 15 मार्च को “समता महाजुटान कन्वेंशन” आयोजित किया जाएगा,
विपक्ष छात्र-युवा, सामाजिक संगठनों और सामाजिक न्याय के पक्षधर बुद्धिजीवियों की भागीदारी होगी। आरवाईए जिला सचिव रौशन यादव ने कहा कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के दबाव में यूजीसी गाइडलाइन तो लेकर आई, लेकिन उसमें जातिगत भेदभाव को खत्म करने के लिए कोई ठोस और स्पष्ट प्रावधान नहीं रखा गया। सरकार की कमजोर पैरवी और अस्पष्ट नीति के कारण ही सुप्रीम कोर्ट ने इस गाइडलाइन पर रोक लगाई. यह दर्शाता है कि सरकार शिक्षा मे सामाजिक न्याय के सवाल पर गंभीर नहीं है.
यह समता आंदोलन किसी जाति या समुदाय के खिलाफ नही है. यह जातिगत विशेषाधिकार और असमानता के खिलाफ समता और सामाजिक न्याय की लड़ाई है। सामाजिक न्याय, समान प्रतिनिधित्व और संविधान प्रदत्त अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा, और यदि सरकार तथा संस्थाएं इस सवाल को नजर अंदाज करती हैं तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
समस्तीपुर संवाददाता अफरोज आलम की रिपोर्ट