डीएनबी भारत डेस्क
बिहार दौरे के दूसरे दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा सीमांचल क्षेत्र से घुसपैठियों को “चुन-चुन कर बाहर निकालने” संबंधी बयान के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है।

विपक्ष ने इस बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है, वहीं सत्ता पक्ष के नेताओं ने इसका समर्थन किया है। बिहार सरकार में सहकारिता मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने गृह मंत्री के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा सर्वोपरि है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “अगर किसी गांव में कोई अनजान व्यक्ति बिना पहचान के आकर घर बनाकर रहने लगे, तो क्या गांव वाले उसे यूं ही बसने देंगे? जब एक गांव के लोग बिना पहचान के किसी को बसने नहीं देते, तो देश कोई धर्मशाला नहीं है कि कोई भी यहां आकर बस जाए। “यदि देश में एक भी घुसपैठिया आता है और वह आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होता है, तो इससे देश को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
एक आतंकवादी कई लोगों की जान और सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है,” मंत्री ने कहा।डॉ. चंद्रवंशी ने स्पष्ट किया कि जो भी घुसपैठिए हैं, उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत देश से बाहर किया जाना चाहिए।
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