वीरपुर: ‘कौन सुनेगा, किसको सुनाएं’- जल जमाव से त्रस्त वीरपुर बाजार बंद, सड़क पर उतरे ग्रामीण

DNB Bharat Desk

डीएनबी भारत डेस्क

कौन सुनेगा किसको सुनाएं इसलिए घरना, प्रदर्शन के साथ वीरपुर बाजार भी बन्द रहेगा।जी हां हम बात कर रहे हैं बेगूसराय मुख्यालय से मात्र 13 किलोमीटर उत्तर में अवस्थित नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में से वीरपुर बाजार का जहां वर्षों से बिना वर्षांत के भी जल जमाव से हजारों लोग त्रस्त रहा करते हैं।

- Sponsored Ads-

इसके अवावे अपने रोज के जिवन उपयोग में आने वाले विभिन्न वस्तुओं को खरीद करने आने वाले गांवों में वीरपुर पूर्वी पंचायत, लखनपुर, सरौंजा,दसैय टोल, लक्ष्मी पुर, पर्रा, फुलकारी,सहुरी, मैदा, मुरादपुर,रोस्तामा,फजीलपुर, जगदर,परबंदा, गेंन्हरपुर,लंका टोल,बरहारा, जिंदपुर, खरमौली,दुसहा,खखना,जोकिया,टांरी,तेलन, पकड़ी, बरैयपुरा, वीरपुर पश्चिम पंचायत के हजारों लोग आते हैं और अपने अपने जरुरत के अनुसार समानों कि खरीद विक्री रोज किया करते हैं। ऐसे में विन वर्षांत के भी बाजार के सरकों पर जल जमाव से पैदल चलने वाले राह गीर हों या पढ़ने के लिए विधालय जाने वाले छात्र, छात्र-छात्राओं को तो ईयूनी सेफ पर किचर परना स्वाभाविक है।

वीरपुर: 'कौन सुनेगा, किसको सुनाएं'- जल जमाव से त्रस्त वीरपुर बाजार बंद, सड़क पर उतरे ग्रामीण 2

इस बजह से आए दिन रोज मार पीट,गाली गलौज तो होना ही है।इसी वजह से आज मंगलवार को मुखिया त्रिपुरारी कुमार के नेतृत्व में बाजार और ग्रामीणों ने सेकरों की संख्या में जुट कर वीरपुर बाजार को बंद करते हुए प्रखंड कार्यालय पर जमकर प्रदर्शन करते हुए समस्या से निजात दिलाने के लिए वीडियो को मांग पत्र सौंपा है। धरना में शामिल लोग कह रहे थे। विधायक, सांसद,जीला पार्षद, वीडियो,सीओ को कयी बार आवेदन दे चुका हूं।

वीरपुर: 'कौन सुनेगा, किसको सुनाएं'- जल जमाव से त्रस्त वीरपुर बाजार बंद, सड़क पर उतरे ग्रामीण 3हद तो तब हो गई जब वीरपुर में डीएम तुषार सिंगला के द्वारा जन संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया था।तब भी हम लोगों के द्वारा उन्हें भी समस्या से निजात दिलाने के लिए मांग पत्र सौंपा गया था। लेकिन नतीजा ढाक के तिन पात वाली कहावत अभी तक तो चरितार्थ हो रही है।अब आपही लोग बताए ना हुजुर हम लोगों की समस्याओं को कौन सुनेगा, किसको सुनाएं, कहां जाएं। मौके पर जदयू प्रखंड अध्यक्ष सह पैक्स अध्यक्ष प्रमोद चौधरी समेत सेकरों ग्रामीण मौजूद थे।

Share This Article