समस्तीपुर: ​डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा में नामांकन के पहले दिन 60% से अधिक सीटें फुल; कुलपति डॉ. पी.एस. पांडेय ने की निगरानी

DNB Bharat Desk
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डॉ राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा समस्तीपुर में नामांकन के पहले दिन विश्वविद्यालय के लगभग साठ प्रतिशत से अधिक सीटों पर नामांकन पूरा हो गया। नामांकन की प्रक्रिया की दौरान कुलपति डॉ पी एस पांडेय और कुलसचिव डॉ पी के प्रणव लगातार निगरानी करते रहे।

 कुलपति डॉ पांडेय ने कहा कि विश्वविद्यालय में नये छात्रों का आगमन एक बड़ा उत्सव है। विश्वविद्यालय में नामांकन की प्रक्रिया को इस‌ तरह से उन्नत किया गया है कि छात्रों को गौरव हो कि वे कृषि शिक्षा की जन्मस्थली पूसा में नामांकन लेने आये हैं ।

समस्तीपुर: ​डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा में नामांकन के पहले दिन 60% से अधिक सीटें फुल; कुलपति डॉ. पी.एस. पांडेय ने की निगरानी 2 उन्होंने कहा कि छात्रों और अभिभावकों के लिए समस्तीपुर और मुजफ्फरपुर से मुफ्त बस की सुविधा प्रदान की गई है और दोनों ही स्थल पर विश्वविद्यालय के कर्मचारीयों की तैनाती की गई है ताकि दूसरे राज्यों से आने वाले छात्रों और अभिभावकों को कोई समस्या न हो।

 समस्तीपुर: ​डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा में नामांकन के पहले दिन 60% से अधिक सीटें फुल; कुलपति डॉ. पी.एस. पांडेय ने की निगरानी 3डॉ पांडेय ने नामांकन के दौरान सभी काउंटर पर जाकर छात्रों और अभिभावकों से बातचीत की और उनका फीडबैक भी लिया। कुलसचिव डॉ पी के प्रणव ने कहा कि नामांकन की प्रक्रिया कल भी चलेगी। उन्होंने कहा कि छात्रों के लिए इस बार एक हेल्प डेस्क भी बनाया गया है। इस डेस्क पर किसी को तरह की समस्या का निदान किया जा रहा है। छात्रों को फोटोकॉपी आदि में समस्या न हो इसलिए नामांकन स्थल पर ही फोटोकॉपी की भ व्यवस्था की गई है।

 समस्तीपुर: ​डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा में नामांकन के पहले दिन 60% से अधिक सीटें फुल; कुलपति डॉ. पी.एस. पांडेय ने की निगरानी 4दो दिन तक चलने वाले इस नामांकन प्रक्रिया में कृषि एवं संबंधित विभिन्न विषयों में स्नातक के 451 स्नातकोत्तर‌ के 312, और पीएचडी के 66छात्रों का नामांकन किया जाएगा। नामांकन के बाद छात्रों के लिए 24  नवंबर से दीक्षारंभ कार्यक्रम की शुरुआत की जायेगी। लगभग पंद्रह दिन से अधिक चलने वाले इस कार्यक्रम में छात्रों को संचार कौशल, पर्सनेलिटी डेवलपमेंट, टेबल इटिकेट्स, गीत ,संगीत, पेंटिंग आदि से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा।

 आपको बता दें कि दीक्षारंभ कार्यक्रम की शुरुआत इसी विश्वविद्यालय से हुई थी, बाद में इसकी उपयोगिता को देखते हुए अब यूजीसी एवं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने सभी विश्वविद्यालयों में लागू कर दिया है।

समस्तीपुर संवाददाता अफरोज आलम की रिपोर्ट

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