डीएनबी भारत डेस्क
बेगूसराय जिले के तेघड़ा में सिविल कोर्ट भवन निर्माण को लेकर शनिवार को अनुमंडल अधिवक्ता संघ एवं विधिज्ञ संघ तेघड़ा के संयुक्त तत्वावधान में अनुमंडल कार्यालय पर रोषपूर्ण धरना दिया गया। धरना की अध्यक्षता अधिवक्ता प्रमोद सिंह एवं राजकिशोर सिंह ने संयुक्त रूप से की जबकि सभा का संचालन अधिवक्ता शशिभूषण भारद्वाज ने किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में अधिवक्ता अशोक कुमार सिंह ने कहा कि तेघड़ा अनुमंडल का गठन वर्ष 1992 में हुआ।

बाद में काफी संघर्षों के बाद वर्ष 2016 में तेघड़ा में अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय की स्थापना हुई किन्तु सरकारी उदासीनता के कारण अब तक व्यवहार न्यायालय का अपना भवन नहीं बन पाया है। अभी तक अनुमंडल कार्यालय के संकीर्ण कमरों में ही न्यायालय के कार्यों का संचालन हो रहा है।अधिवक्ता संजय कुमार ने कहा कि तेघड़ा में सिविल कोर्ट भवन के निर्माण के लिये हम तमाम अधिवक्ता एकजुटता के साथ संघर्ष जारी रखेंगे। अधिवक्ता शशिभूषण भारद्वाज ने कहा कि सिविल कोर्ट भवन का निर्माण होने तक आंदोलन जारी रहेगा। जनसुराज के नेता आर0 एन0 सिंह ने तेघड़ा सिविल कोर्ट भवन निर्माण में सरकारी लापरवाही पर रोष व्यक्त किया और कहा कि स्थानीय विधायक और सांसद को इस समस्या के निदान के लिये प्रयास करना चाहिये।
वक्ताओं ने सरकार से तेघड़ा में शीघ्र जमीन का अधिग्रहण कर व्यवहार न्यायालय भवन के निर्माण की माँग की। धरना को अधिवक्ता प्रमोद सिंह, जयप्रकाश सिंह, अरूण यादव, राजकिशोर सिंह, रंजीत कुमार सिंह, मनोरंजन सिन्हा, नित्यानन्द मिश्रा, सच्चिदानंद सिंह, अरविन्द चौधरी, रेणु कुमारी, राजद नेता कामदेव यादव, अवकाशप्राप्त शिक्षक रामकिंकर सिंह, रामसुमिरन महाराज, गिरधारी लाल शर्मा, समाजसेवी महेन्द्र मालाकार, हीरालाल महतों आदि ने भी सम्बोधित किया। अंत में माँगों का ज्ञापन एसडीओ को सौंपा गया।
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