बछवाड़ा में शोर शराबे के साथ सम्पन्न हुआ पंचायत समिति की बैठक

DNB Bharat Desk

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प्रखंड मुख्यालय स्थित अंबेडकर सभागार भवन में गुरूवार को शोर शराबे के बीच पंचायत समिति का बैठक सम्पन्न हुआ। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड प्रमुख सुधाकर मेहता ने किया। बैठक के दौरान बीडीओ अभिषेक राज,सीओ प्रीतम गौतम,बीपीआरओ विश्वनाथ सिंह,प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी अनिल कुमार शर्मा, मनरेगा पदाधिकारी सुबोध कुमार,उप प्रमुख धर्मेन्द्र कुमार यादव, कृषि पदाधिकारी कन्हैया राम,समेत विभिन्न विभाग के पदाधिकारी मौजूद थे। बैठक शुरु होते ही जन-प्रतिनिधियों ने अंचलकर्मी व विद्युत विभाग पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए विभिन्न पदाधिकारी के खिलाफ आरोप  लगाते हुए सवालों का बौछार कर दिया।पंसस मिथिलेश कुमार,कमल पासवान,सिकंदर कुमार,समेत मुखिया प्रभात कुमार,संजय दास,उदय कुमार राय ने बैठक प्रारंभ होते ही 7 माह 16 दिन बाद करने को लेकर एतराज जताया। सभी सदस्यों ने बारी बारी से अंचलाधिकारी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि अंचल कार्यालय में मौजूद राजस्व कर्मी आम लोगों को लुटने में लगे हैं। किसानों को जमीन का दाखिल खारिज करने में बीस से चालीस हजार रुपए नजराना लेकर ही दाखिल खारिज किया जाता है।

बछवाड़ा में शोर शराबे के साथ सम्पन्न हुआ पंचायत समिति की बैठक 2जो किसान नजराना देने में असमर्थ हैं उसका आवेदन अस्वीकृत कर दिया जाता है।जिसका जीता जागता उदाहरण है कि दादुपुर में सिलींग के जमीन का भी नजराना लेकर दाखिल खारिज किया गया जो अवैध है। राजस्वकर्मी आम लोगों से अवैध राशि उगाही कर पदाधिकारी समेत कर्मी आपस में बंदर बांट करते हैं।जनप्रतिनिधि ने आरोप लगाते हुए कहा कि बछवाड़ा रेलवे लाइन समेत एनएच 28 के किनारे व चमथा बांध पर सैकड़ों की संख्या में भूमिहीन अपना झोपड़ी बनाकर रह रहे हैं। लेकिन आज तक उन्हें ना तो आवास के लिए भूमि उपलब्ध कराया गया और ना ही उन्हें आवास दिया गया। जबकि रेलवे के किनारे बसे भूमिहीनो व बांध समेत अन्य जगहों पर झुग्गी झोपड़ी बनाकर अपना गुजर बसर कर रहे लोगो को विभाग द्वारा जमीन खाली करने का नोटिस दिया जा रहा है।विशनपुर में उपस्वास्थ्य केन्द्र के लिए जमीन उपलब्ध कराया गया लेकिन एनओसी व पैमाइश नहीं होने के कारण निर्माण कार्य शुरु नही किया जा सका है।चिरंजीवीपुर में बलान नदी के किनारे गैरमजरूआ जमीन में पावर ग्रीड व आंगनवाड़ी के लिए एनओसी दिया गया लेकिन खेल मैदान के लिए एनओसी नहीं दिया जा रहा है।

बछवाड़ा में शोर शराबे के साथ सम्पन्न हुआ पंचायत समिति की बैठक 3जिससे खेल मैदान बाधित है। उन्होने बिजली विभाग पर निशाना साधते हुए कहा कि विभाग अपनी मनमानी कर उपभोक्ताओं को बिजली बिल में गड़बड़ी को ठीक नहीं किया जाता है बल्कि बिजली बिल लिमिट से ज्यादा होने का इंतजार किया जाता है। बिजली बिल अधिक होते ही बिना किसी सूचना के कनेक्शन काट दिया जाता है। जब राशि जमा कर आरसीडीसी कटा लिया जाता है तो तब स्मार्ट मीटर लगाने के लिए दबाव बनाया जाता है और जो स्मार्ट मीटर नहीं लगाता है उसे बिजली कनेक्शन नहीं दिया जाता है।कृषि फीडर में ट्रांसफर नहीं लगने से किसानों को अपने फसल में पानी पटवन के दौरान परेशानी हो रही है। उन्होंने बिजली बिल के लिए आवेदन के उपरांत एक माह के अन्दर बिजली बिल में सुधार,विद्युत बिल में सुधार से पुर्व बिजली कनेक्शन काटने पर रोक लगाने की अपील करते हुए अवैध वसूली पर रोक लगाने व मानव बल समेत जेई पर कार्यवाही करने की मांग की।जनप्रतिनिधियों ने पीएचईडी पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना नल जल की शिकायत करते हुए कहा कि प्रखंड के विभिन्न पंचायत में लाखों रूपये से खर्च कर नल-जल योजना का निर्माण किया गया लेकिन विभागीय पदाधिकारी व संवेदक की लापरवाही से अधिकांश नल-जल योजना निर्माण के बाद चालू नहीं किया गया।

जब आम लोगों समेत जनप्रतिनिधि के द्वारा पीएचईडी विभाग से शिकायत करने पर पहले तो पदाधिकारी द्वारा मोबाइल रिसीव नहीं किया जाता है। कहीं गलती से मोबाइल रिसीव हो गया तो चालू करने का आश्वासन तो दिया जाता है लेकिन सिर्फ कागज पर ना कि जमीन पर,आज तक पीएचडी के पदाधिकारी बंद पड़े नलजल योजना की स्थल जांच करने कोई पदाधिकारी नहीं पहुंचे हैं। वही प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी पर कार्यालय में उपस्थित नहीं रहने, व राशन कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन के बावजूद राशन कार्ड नहीं बनने का आरोप लगाया। जनप्रतिनिधियों ने प्रखंड मुख्यालय स्थित आरटीपीएस कर्मियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि राशन कार्ड बनाने से पुर्व आरटीपीएस काउंटर से जाति,आवासीय व आय प्रमाण पत्र बनाने के लिए दो सौ रुपए नजराना मांगा जाता है तथा ऑफलाइन आवेदन नहीं लिया जाता है। जो लोग नजराना नहीं देते हैं उनका आवेदन रिजेक्ट कर दिया जाता है। पंचायत सचिव एक जगह बैठकर रिपोर्ट तैयार कर लेते हैं और अपनी मनमानी करते हैं। शिकायत के बावजूद पदाधिकारी के द्वारा किसी कर्मी पर कार्यवाही नहीं की जाती है।

जनप्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य विभाग पर आरोप लगाते हुए कहा कि रोगी कल्याण समिति की बैठक नहीं की जाती है। चिरंजीवीपुर पंचायत के गरैयगांव में नव निर्माण उपस्वास्थ्य केन्द्र में स्वास्थ्य सुविधा शुरू नहीं किया गया है। जबकि चमथा उपस्वास्थ्य में स्वास्थ्य कर्मी के लापरवाही से एक प्रसुता की मौत मामले में लापरवाही करने वाले कर्मी पर कार्यवाही की मांग की गई। पंचायत समिति की बैठक में उपस्थित पदाधिकारी ने अपना अपना बचाव करते नजर आए। प्रखंड प्रमुख,उप प्रमुख, प्रखंड विकास पदाधिकारी ने पंचायत समिति सदन में लगाए गए। सभी आरोप को लिखित सूचीबद्ध करते हुए कार्यवाही करने का अश्वासन दिया। बैठक में आपूर्ति पदाधिकारी , श्रम पदाधिकारी और थानाध्यक्ष अनुपस्थित रहे।मौके पर मुखिया राकेश कुमार,गीता देवी,पंसस राधा देवी,अमरकांत राय,हरेन्द्र साह,सरस्वती देवी,रंजू देवी समेत अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

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