न्याय की गुहार ले पुलिस कार्यालयों का चक्कर काट रहे परिजन, खुलेआम घूम रहे अपहर्ता की नहीं हो पा रही गिरफ्तारी

DNB Bharat Desk

डीएनबी भारत डेस्क 

बेगूसराय पुलिस की लापरवाही एक बार फिर सामने आ रही है जिसमें अपहरण के आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और अपहृत किशोर के माता-पिता न्याय के लिए न्यायालय एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। इतना ही नहीं परिजनों का आरोप है कि पुलिस के द्वारा दी गई ढील की वजह से अब आरोपी मुकदमा उठाने के लिए पीड़ित के परिजनों पर दबाव बना रहे हैं और लगातार धमकी दे रहे हैं। पूरा मामला मुफस्सिल थाना क्षेत्र का है।

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दरअसल मुफस्सिल थाना क्षेत्र के डुमरी निवासी दीपक पासवान एवं उनकी पत्नी प्रीति देवी ने आरोप लगाया है कि 2 मई 2022 को उनके ही पड़ोस के रहने वाले पांडव कुमार ने अपने अन्य दो सहयोगियों के साथ उनके पुत्र आर्यन कुमार का उस वक्त अपहरण कर लिया था जब वह खेलने के लिए जा रहा था। अपहरण के बाद आरोपियों के द्वारा प्रीति देवी के मोबाइल पर कॉल करके एक लाख रुपये की मांग की गई थी। पीड़ित परिवार के पास उक्त मामले की रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध है। लेकिन जब इन लोगों के द्वारा पैसा नहीं दिया गया तो आरोपी पांडव कुमार एवं अन्य लोगों के द्वारा पहले आर्यन कुमार के पूरे शरीर को ब्लेड से चीड़ दिया गया और फिर चाकू से उसकी कनपटी पर हमला कर सुनसान जंगल में छोड़ दिया। सवेरे जब लोगों ने किशोर को गंभीर हालत में रोते देखा तब इसकी सूचना मुफस्सिल थाना को दी।

उस वक्त मुफस्सिल थाने की पुलिस ने ही पीड़ित आर्यन कुमार को एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया था और तकरीबन 20 दिन इलाज में रहने के बाद जब आर्यन कुमार को होश आया तब उसने पूरे मामले की जानकारी एवं आरोपियों के नाम परिजनों को बताई। तत्पश्चात मुफस्सिल थाने में आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज करवाया गया। लेकिन अब हालात यह हैं यह तकरीबन 6 माह से अधिक बीत जाने के बावजूद भी पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही है और आरोपी लगातार धमकी दे रहे हैं। फिलहाल पीड़ित दीपक पासवान एवं प्रीति देवी ने पुलिस से आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ अपने परिवार की सुरक्षा की भी गुहार लगाई है।

बेगूसराय से सुमित कुमार (बबलू)

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