डीएनबी भारत डेस्क
कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार तथा जिला प्रशासन, बेगूसराय के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को राजकीय कल्पवास मेला, सिमरिया धाम के शुभारंभ के अवसर पर सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर मिथिलांचल संगीत महाविद्यालय, बीहट, बेगूसराय के कलाकारों ने अपनी मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से उपस्थित अतिथियों एवं दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ में मिथिलांचल संगीत महाविद्यालय, बीहट के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत स्वागत गान से हुआ। संस्था के गुरु अशोक पासवान के निर्देशन में निशु कुमारी ने अपनी मधुर आवाज में स्वागत गान प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया।
इसके उपरांत कलाकारों ने ‘जरा देर ठहरो राम’, ‘काठ ही काठ के कोठरिया हो दीनानाथ’, ‘गाम के अधिकारी तोहे बड़का भैया हो’ तथा ‘चल ली गंगोत्री से गंगा मैया’ जैसे गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। इन लोकगीतों के माध्यम से कलाकारों ने बिहार की समृद्ध लोक-संगीत परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।
सांस्कृतिक संध्या के दौरान लोकनृत्य की प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं। कलाकारों ने छठ गीत पर आधारित लोकनृत्य प्रस्तुत कर छठ महापर्व की आस्था, भक्ति और लोकपरंपरा को खूबसूरती से अभिव्यक्त किया। वहीं, पारंपरिक झिझिया नृत्य की शानदार प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया। गीत-संगीत और लोकनृत्य की इन प्रस्तुतियों से पूरा वातावरण भक्तिमय एवं उत्साहपूर्ण हो उठा।
राजकीय कल्पवास मेला सिमरिया धाम की धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्ता को देखते हुए आयोजित इस सांस्कृतिक संध्या ने लोककला और लोकसंस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश दिया।
कलाकारों की प्रस्तुतियों के माध्यम से बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को मंच प्रदान किया गया। कार्यक्रम के अंत में जिला शिक्षा पदाधिकारी, बेगूसराय मनोज कुमार एवं जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी श्याम कुमार सहनी द्वारा मिथिलांचल संगीत महाविद्यालय, बीहट के कलाकारों को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर कलाकारों के योगदान की सराहना करते हुए सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से लोककला एवं परंपराओं को आगे बढ़ाने के महत्व को रेखांकित किया गया। राजकीय कल्पवास मेला के शुभारंभ के अवसर पर आयोजित इस सांस्कृतिक संध्या ने धार्मिक आस्था के साथ-साथ बिहार की लोक-सांस्कृतिक विरासत की सुंदर झलक प्रस्तुत की।
कार्यक्रम में कलाकारों की जीवंत प्रस्तुतियों ने दर्शकों को लोकगीतों एवं पारंपरिक नृत्यों की समृद्ध दुनिया से परिचित कराया।
बेगूसराय बीहट संवाददाता धरमवीर कुमार की रिपोर्ट