दिनकर कवियों के विश्वामित्र हैं – डा संजय भारद्वाज

DNB Bharat Desk

दिनकर स्मृति विकास समिति सिमरिया के तत्वावधान में राष्ट्रकवि दिनकर की 118वीं जयंती के नौवें दिन सोमवार को दिनकर स्मारक प्लस टू स्कूल, सिमरिया में समारोह का आयोजन किया गया। समारोह की अध्यक्षता करते हुए दिनकर पुस्तकालय के कृष्ण कुमार शर्मा ने कहा कि बच्चों को दिनकर की कविताओं को आत्मसात करने की जरूरत है।

 कार्यक्रम का संचालन कवि विनोद बिहारी ने किया। मुख्य वक्ता इतिहासविद् एवं कवि डाॅ संजय भारद्वाज ने कहा कि दिनकर कवियों के विश्वामित्र हैं। उन्होंने नए महाभारत के रचनाकार हैं जो मूल स्थापना से अलग है। उनकी रश्मिरथी ने महाभारत की नई अवधारणा को स्थापित किया। दिनकर स्मृति विकास समिति के रामनाथ सिंह ने कहा कि दिनकर जी एक महान कवि के साथ-साथ अनुशासित छात्र भी थे जिनसे बच्चों को सीखने की जरूरत है। 

दिनकर कवियों के विश्वामित्र हैं - डा संजय भारद्वाज 2प्रत्यक्ष गवाह पत्रिका के संपादक पुष्कर प्रसाद सिंह ने कहा कि राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर साहित्याकाश के वे सूरज थे जिनकी रोशनी आज दिग्भ्रमित समाज को प्रेरित करती है। उन्होंने कहा कि दिनकर की कविताओं से भारत भविष्य का निर्माण हो सकता है। जिले के हर बच्चे दिनकर की कविताओं का अवलोकन करे। कार्यक्रम में स्वागत भाषण विद्यालय के प्राचार्य कुलदीप सिंह यादव ने किया वहीं धन्यवाद ज्ञापन करते हुए दिनकर पुस्तकालय के अध्यक्ष विश्वंभर सिंह ने कहा कि बच्चों को दिनकर के जीवन से भी सीखने की जरूरत है। 

दिनकर कवियों के विश्वामित्र हैं - डा संजय भारद्वाज 3विद्यालय छात्र रमण कुमार, कन्हैया कुमार, आरूषि कुमारी, सृष्टि कुमारी, नयन कुमारी आदि ने दिनकर की कविताओं एवं उनक व्यक्तित्व कृतित्व पर प्रकाश डाला। मौके पर विद्यालय के शिक्षक सुनील कुमार, लोपा मुद्रा, राजेन्द्र राय नेताजी, प्रवीण प्रियदर्शी, संजीव फिरोज, जितेन्द्र झा, दीनबंधु कुमार, श्यामनंदन निशाकर समेत कई गणमान्य बुद्धिजीवी एवं छात्र-छात्राएं मौजूद थे।

बेगूसराय बीहट संवाददाता धरमवीर कुमार की रिपोर्ट

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