बेगूसराय: बेगूसराय के बीरपुर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में अयोध्याधाम से पधारे कथावाचक गरुणेशजी महाराज ने रविवार की देर संध्या कहा कि एक बार भगवान कृष्ण वृंदावन में गोपियों के बीच बांसुरी बजा रासलीला कर रहे थे। इसमें केवल स्त्रियों को प्रवेश की अनुमति थी। महादेव ने इस लीला को देखने के लिये गोपी का रूप धारण किया था। श्रीकृष्ण ने उन्हें पहचान लिया और उन्हें प्रेमपूर्वक गोपेश्वर कहकर पुकारा। तब से उन्हें गोपेश्वर महादेव के नाम से जाना गया।

कथावाचक ने श्रद्धालुओं को नशापान से बचने की सलाह दी। उन्होंने श्रीकृष्ण के व्रज से मथुरा जाने, कंस का वध करने, जरासंध से युद्ध करने, द्वारिकापुरी की स्थापना करने तथा रुक्मिणी से विवाह करने की कथा विस्तार से सुनाई। मौके पर पंडित राजगुरु, पूर्व मुखिया पंकज कुमार सिंह, अनिता देवी, उपमुखिया मीनू देवी, सरपंच दयानंद झा, विनोद कुमार, राममूर्ति सिंह, पूरन झा आदि मौजूद थे।
