डीएनबी भारत डेस्क
राजगीर स्थित नालंदा विश्वविद्यालय में तृतीय स्नातकोत्सव (दीक्षांत) समारोह का आयोजन किया गया। दीक्षांत समारोह में बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन(सेवानिवृत्त ), और प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी. के. मिश्रा समारोह में शामिल हुए।

विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा अतिथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। समारोह के दौरान वर्ष 2024–26 बैच के कुल 219 विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों में स्नातकोत्तर डिग्रियाँ प्रदान की गईं। डिग्री प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राएं 14 विभिन्न देशों से संबंध रखते हैं। इनमें वियतनाम, बांग्लादेश, भूटान, म्यांमार सहित कई अन्य देश शामिल हैं।
अपने संबोधन में राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि ज्ञान और संस्कृति का केंद्र है। उन्होंने विद्यार्थियों से समाज और मानवता के हित में अपने ज्ञान का उपयोग करने की बात कही ।
प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी. के. मिश्रा ने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और आधुनिक शिक्षा व्यवस्था का अद्भुत संगम है। उन्होंने छात्रों से ज्ञान, दान और रक्षा के लिए विद्या का उपयोग करने की बात कही।
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