“तानाशाही फैसलों ने जनता को बर्बादी की दहलीज पर धकेला” – बछवाड़ा में गरजे माकपा नेता

DNB Bharat Desk

आगामी 24 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली विशाल रैली की सफलता के लिए माकपा कार्यकर्ताओं का  जन आक्रोश जत्था शनिवार को बछवाड़ा पहुंचा। जत्थे के सदस्यों ने सर्वप्रथम शहीद कामरेड गंगानंद राय के स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके पश्चात  कार्यकर्ताओं ने झमटिया गांव स्थित शहीद भासो कुंवर स्मारक पर पहुंचकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। जत्थे का नेतृत्व सीपीएम के पोलिट ब्यूरो सदस्य कामरेड अशोक ढबले, राज्य सचिव कामरेड ललन चौधरी और सीपीएम विधायक कामरेड अजय कुमार कर रहे थे।

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इस अवसर पर एक सभा का भी आयोजन किया गया। सभा को संबोधित करते हुए केंद्र की मोदी सरकार पर देश की संप्रभुता और आर्थिक हितों को अमेरिका के हाथों गिरवी रखने का गंभीर आरोप लगाया गया है। उन्होंने ने तीखे शब्दों में कहा कि जो टैक्स पहले मात्र 3% हुआ करता था, उसे सरकार ने 6 गुना बढ़ाकर 18% कर दिया है, लेकिन विडंबना यह है कि भाजपा इसे अपनी बड़ी जीत बताकर जनता को गुमराह कर रही है। अमेरिका के दबाव में आकर घरेलू करों और विदेशी व्यापार शुल्कों में किए गए इन बदलावों का सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद यह पहली सरकार है जिसकी आलोकतांत्रिक एवं तानाशाही फैसलों ने समाज के हर तबके की जिंदगी को बर्बादी की दहलीज तक पहुंचा दिया ।

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कारखाने का मजदूर हो,किसान या खेतिहर मजदूर गांव का गरीब हो या दलित. महिला अल्पसंख्यक सबके जीने का अधिकार ही समाप्त करने की कोशिश हो रही है। यह सरकार सांप्रदायिकता की आग में झोंक कर अपनी नाकामी पर पर्दा डाल रही है। इस विषम परिस्थिति में भारत के कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी ने 24 मार्च 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में विराट प्रदर्शन आयोजित करने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि हमारी मांगे हैं केंद्र सरकार मनरेगा को पुनः वापस लाओ, पहले महिला मजदूरी की सुरक्षा की गारंटी थी, काम नहीं मिलने पर हर्जाना पाने का अधिकार था, वह सभी खत्म हो गए।  उन्होंने कहा कि सरकार चार श्रम संहिताओं के माध्यम से मजदूरों को कॉर्पोरेट एवं पूंजीपतियों का गुलाम बनाने पर उतारू है। इसके तहत अब हड़ताल गैर कानूनी होगा। संगठन बनाने के अधिकार नहीं होंगे।

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8 घंटा के बदले 12 घंटा काम लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बीज विधेयक एवं बिजली विधेयक 25 वापस लो,भारत –अमेरिका व्यापार समझौता रद्द करो । उन्होंने कहा यह समझौता देश के किसानों को लूटने तथा अमेरिका के आगे समर्पण का दस्तावेज है। उन्होंने किसान मजदूर छात्र नौजवान एवं महिला साथियों से अनुरोध किया कि 24 मार्च को ऐतिहासिक जन आक्रोश रैली में हजारों की संख्या में भाग लेकर उसे सफल बनावे। सभा को पार्टी राज्य सचिव ललन चौधरी, सीपीएम विधायक अजय कुमार,पूर्व विधायक राजेंद्र प्रसाद सिंह,उमेश कुंवर कवि,अवध किशोर चौधरी,लालबहादुर यादव आदि ने संबोधित करते हुए कहा कि आज किसान और मजदूर गहरे संकट में हैं। केंद्र और बिहार सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य धरातल पर कहीं नहीं मिल रहा।

"तानाशाही फैसलों ने जनता को बर्बादी की दहलीज पर धकेला" - बछवाड़ा में गरजे माकपा नेता 4आलू, धान, गेहूं और मकई के दाम न मिलने से किसान कर्ज के बोझ तले दब रहे है, जबकि बैंक केवल बड़े पूंजीपतियों और सामंतों को कर्ज दे रहे हैं। आज़ादी के समय से जोतने वाले को ज़मीन’ का जो सपना देखा गया था, आज सरकारें उसे कुचलकर अडानी-अंबानी जैसे उद्योगपतियों के लिए किसानों की ज़मीनें हड़प रही हैं। चुनाव में वही पैसा बांटकर वोट खरीदे जाते हैं और फिर आम जनता पर स्मार्ट मीटर, महंगी बिजली और एक हजार के पार पहुंचते गैस सिलेंडर का बोझ लाद दिया जाता है। उन्होंने कहा कि विडंबना यह है कि हम जाति और धर्म के नाम पर वोट देते हैं, जबकि वे नेता हमारे बुनियादी हक छीन रहे हैं। 1 अप्रैल से लागू होने वाले नए लेबर कोड मजदूरों को मालिकों का गुलाम बना देंगे।

"तानाशाही फैसलों ने जनता को बर्बादी की दहलीज पर धकेला" - बछवाड़ा में गरजे माकपा नेता 5अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत सरकार की भूमिका निराशाजनक है; जब इजरायल और अमेरिका छोटे देशों पर हमले कर रहे हैं, तब हमारे प्रधानमंत्री जनहित के बजाय उनके साथ खड़े दिखते हैं। इन तमाम विषमताओं और अत्याचारों के खिलाफ 24 मार्च की दिल्ली रैली प्रतिरोध का प्रतीक है। उन्होंने आम जनता से एकजुट होकर इस लाल झंडे के तले अपने अधिकारों की रक्षा के लिए दिल्ली कूच करने का आह्वान किया।सभा की अध्यक्षता लालबहादुर यादव, संचालन अवध किशोर चौधरी ने किया। मौके पर विजय कुमार राय,विश्नाथ दास,जगदीश पोद्धार, विद्यापति ठाकुर,राजीव चौधरी, गंगा प्रसाद यादव समेत आशा कार्यकर्ता आदि लोग उपस्थित थे।

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