डीएनबी भारत डेस्क
पूर्व क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र कोलकाता एवं आकाश गंगा रंग चौपाल एसोसिएशन बरौनी द्वारा आयोजित तीन दिवसीय नाट्य महोत्सव के दूसरे दिन पश्मीना और ताग-पाट नाटक कंचन किया गया। मध्य विद्यालय बीहट के प्रांगण में पहली प्रस्तुति आशीर्वाद रंगमंडल बेगूसराय के कलाकारों द्वारा मृणाल माथुर लिखित एवं डॉ. अमित रौशन के निर्देशित नाटक पश्मीना का मंचन किया गया।

कश्मीर की पृष्ठभूमि पर आधारित नाटक पश्मीना में मानवीय संवेदनाओं को उकेड़ने का काम किया गया। सेना में कार्यरत जवान बेटे की शहादत के बाद एक मां का गम और एक आम नागरिक के बेटे के खोने के बाद के गम को बराबर रूप से दिखाया गया। दोनों का दुख एक जैसा दिखाया गया। एक मां के गम का कद्र करते हुए एक कश्मीरी ने अपने बेटे के खोने के गम को कम करने के लिए उसके हाथ का बुना पश्मीना शॉल उसे बहुत ही कम दाम में दे देता है। नाटक में दर्शकों को बांधने के लिए कलाकार मोहित मोहन ने रविन्द्र डिल्लो एवं रितु कुमारी ने स्वीटी का अभिनय कर लोगों को गुदगुदी लगाने का काम किया।
वहीं अमर सक्सेना के किरदार को सचिन कुमार एवं विभा सक्सेना के रूप में रिंटू कुमारी ने आदर्श पति-पत्नी की छवि प्रस्तुत की। मिसेज सक्सेना के अभिनय में रिंटू कुमारी ने दर्शकों को रूलाने पर विवश कर दिया। कश्मीरी दुकानदार के तौर पर अरूण कुमार एवं दुकानदार के बेटे के रूप में शुभम कुमार ने कश्मीरी संस्कृति और भाषा को बखूबी जीवंत कर दिया। सहायक के रूप में राम कुमार, बेटर की भूमिका में बिट्टू कुमार, डॉ कौल की भूमिका में सचिन कुमार ने शानदार अभिनय किया। सेट डिजाइन-सीताराम, प्रकाश-रवि वर्मा, ध्वनि-अमन शर्मा, मेकअप-सचिन कुमार, अमन शर्मा, वस्त्र विन्यास-मोहित मोहन, रितु कुमारी, प्रॉपर्टी-सचिन ,अरुण, बिट्टू, धर्मेंद्र, मनोज कुमार मिश्रा ने सहयोग किया।

वहीं दूसरी प्रस्तुति इंडिया रंगमंडल, पटना द्वारा नाटक ताग- पाट की प्रस्तुति की गयी। बेटी आज से उ घर ही ताहार जीवन बा उहे ताहार संसार बा जा बेटी जा.. कुछ ऐसे ही जिम्मेदारी भरे संवाद से भोजपुरी नाटक ताग – पाट की शुरुआत की गई । नाटककार अनीता कुमारी एवं निर्देशक उदय कुमार सिंह के निर्देशन में बेटी की संवेदना से रूबरू कराया गया। एक और जहां नाटक सच्ची दोस्ती निभाने की बात करता हैं तो एक ओर यह संदेश देता हैं कि कही भी चले जाय अपने संस्कार को कभी नही भूलना चाहिए।
भोजपुरी लोक जीवन में बेटी का एक ऐसा रूप दिखाया गया हैं जिसे देखकर भोजपुरी लोक संस्कृति में बेटी के महत्व को महसूस करने का अवसर देता हैं। नाटक की कथावस्तु बेटी की संवेदना से रूबरू कराता है। नाटक में आदर्श कुमार, अनीता कुमारी, आरती कुमारी, प्रतिभा कुमारी, राखी, विवेक ओझा, विक्की कुमार, आजाद शक्ति, संजय कुमार, सन्नी, गोविन्द कुमार, दुर्गेश्वर विश्वकर्मा, मन्त्री कुमार महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इसके पूर्व दूसरे दिन के कार्यक्रम का उद्घाटन खेल महासंघ के जिला अध्यक्ष सुनील कुमार, बीडीओ अनुरंजन कुमार, उपमुख्य पार्षद ऋषिकेश कुमार, पत्रकार प्रवीण प्रियदर्शी, डॉ अमित रौशन व अनिता कुमारी द्वारा किया गया। इस अवसर पर आगत अतिथियों का स्वागत सरोज कुमार अध्यक्ष डॉ कुन्दन कुमार, सचिव गणेश कुमार, रवि वर्मा, मनीष कुमार, अंकित कुमार, संतोष कुमार, आनंद कुमार सहित अन्य के द्वारा किया गया।
बेगूसराय बीहट संवाददाता धरमवीर कुमार की रिपोर्ट