डीएनबी भारत डेस्क
बछवाड़ा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत रानी एक पंचायत के झमटिया गांव में रविवार को संत रविदास की 649 वीं जयंती हर्षोल्लास और धूमधाम से मनाई गई। जहां लोगों ने संत रविदास की पूजा अर्चना कर उनके बताएं रास्ते पर चलने का संकल्प लिया। पूजा को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता रामबालक सक्सेना ने बताया कि संत रविदास किसी एक समाज के लिए नहीं बल्कि पूरे मानव जगत के आदर्श है।

जिन्होंने लोगों के बीच शांति और विश्वास का प्रचार प्रसार किया। आए दिन लोग संत को भी जाति धर्म में बांटकर रखते है, जबकि संत किसी जाति धर्म के नहीं होते, बल्कि पूरे मानव जगत के लिए होते है। संत रविदास का जन्म एक बहुत ही गरीब परिवार में हुआ और उन्होंने अपने आत्मीय ज्ञान से लोगों को जागरूक किया। उन्होंने कहा था मन चंगा तो कठौती में गंगा यानि अगर आपकी नियत सही है तो जहां भी देखो गंगा वही है। उन्होंने कहा कि हमें संकल्प लेकर संत रविदास के आदर्श और उपदेश को जन जन तक पहुंचना है।
जिससे लोगों में यह धारणा खत्म हो कि संत रविदास सिर्फ एक समाज के संत हैं। अधिवक्ता विलास कुमार राम ने बताया कि संत रविदास के विचारों से हमे यह शिक्षा मिलती हैं कि श्रद्धा का कभी भी अपमान नहीं करना चाहिए। ज्ञानी किसी जाति या धर्म में सीमित नहीं होते हैं। जिनके पास ज्ञान हो वही सच्चा संत हैं। उन्होंने कहा कि मधुर वचन बोलने से दूसरों को शांति नहीं बल्कि स्वयं को भी सुख मिलता है और जिस मनुष्य का मन पवित्र और निर्मल होता है, वह कोई भी कार्य कर सकता है।
मानव जीवन में कर्म प्रधान है और जो काम करते हैं उन्हें फल निश्चित मिलता है। मौके पर रवि सक्सेना, मिथिलेश राम, कुंदन राम, अजय राम, सोमर पासवान, धर्मेंद्र राम, मुकेश राम, सिद्धेश्वर राम, और अजय शंकर राम सहित दर्जनों लोग मौजूद थे।
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