दान करने से पापों का नाश होता है और मोक्ष प्राप्ति में सहायता मिलती है – बौआ हनुमान

DNB Bharat Desk

बेगूसराय जिले के सिमरिया गंगा धाम में भंडारा आयोजित करना भगवान के प्रति कृतज्ञता और भक्ति व्यक्त करने का एक तरीका है। भंडारे में भाग लेना एक अद्भुत सेवा का अनुभव प्रदान करता है। संतों के भंडारे का महत्व धार्मिक, सामाजिक और आध्यात्मिक लाभों से जुड़ा है। यह कृतज्ञता व्यक्त करने, एकजुटता को बढ़ावा देने, अन्न दान के पुण्य को प्राप्त करने और आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करने का एक माध्यम है।

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दान करने से पापों का नाश होता है और मोक्ष प्राप्ति में सहायता मिलती है - बौआ हनुमान 2शास्त्रों में अन्न दान को सबसे श्रेष्ठ दान माना गया है और भंडारे के माध्यम से यह पुण्य प्राप्त होता है। भंडारे के आयोजन और उसमें भाग लेने से सकारात्मक कर्म और आत्मिक संतुष्टि मिलती है।उक्त बातें रविवार को राजकीय कल्पवास मेला क्षेत्र सिमरिया धाम स्थित राम निहोरा सेवा शिविर में सहरसा जिले के बनगांव निवासी डा सुभाषचंद्र झा के पुत्र पंकज कुमार झा द्वारा कराए जा रहे संतों के भंडारा को संबोधित करते हुए महंत मिथलेश दास उर्फ बौआ हनुमान ने कहा।उन्होंने कहा कि इस तरह से दान करने से पापों का नाश होता है और मोक्ष प्राप्ति में सहायता मिलती है।

दान करने से पापों का नाश होता है और मोक्ष प्राप्ति में सहायता मिलती है - बौआ हनुमान 3अन्न दान से पितरों की आत्मा को भी संतुष्टि मिलती है। आगे उन्होंने कहा 14 अक्टूबर दिन मंगलवार से इस खालसा में नियमित रूप से संत महात्माओं का भंडारा आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया किरविवार का भंडारा हमारे शिष्य सहरसा जिले के बनगांव निवासी डा सुभाषचंद्र झा के पुत्र पंकज कुमार झा सपरिवार गंगा स्नान करने के पश्चात आयोजित किया है। ईश्वर सब विधि से उस परिवार का कल्याण करेंगें ।

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