सरकार के द्वारा पान समाज को आरक्षण से दुर रखने का काम किया गया है, जो इस जाति के साथ भेदभाव है – प्रो के राज

DNB Bharat Desk
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बछवाड़ा प्रखंड क्षेत्र के गोविंदपुर तीन पंचायत के मुरलीटोल गांव स्थित पेड़ालाल के दरवाजे पर गुरुवार को इंडियन इंकलाब पार्टी के नेतृत्व में अखिल भारतीय पान महासंघ की बैठक आयोजित की गयी। बैठक के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में अखिल भारतीय पान महासंघ के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष प्रो के. राज व विशिष्ट अतिथि के रूप में जिलाध्यक्ष डॉ विनोद तांती मौजूद थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय पान महासंघ के अनुमंडल अध्यक्ष विजय शंकर दास ने किया। बैठक को संबोधित करते हुए इंइपी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष ने कहा कि हमारी पार्टी का उद्देश्य है कि तांती, ततमा व पान समाज को आरक्षण मिले।

सरकार के द्वारा पान समाज को आरक्षण से दुर रखने का काम किया गया है, जो इस जाति के साथ भेदभाव है - प्रो के राज 2ताकि समाज के लोग आगे बढ़ सके। पार्टी की स्थापना के बाद से हम लोग अपने-अपने क्षेत्र में सदस्यता अभियान चलाकर पार्टी को मजबूती प्रदान करने का काम कर रहे हैं। उन्होने कहा कि सरकार के द्वारा वर्ष 2022-23 में सर्वे किया गया। जिसमें तांती, ततमा व पान समाज के लोगों की संख्या 22 लाख बताया गया जो ग़लत है। हमारी आवादी लगभग 80 लाख से एक करोड़ की है। बिहार राज्य में सबसे ज्यादा आबादी यादव की है और उसके बाद हमलोगों की है। बावजूद सरकार के द्वारा इस जाति को आरक्षण से दुर रखने का काम किया है, जो इस जाति के साथ भेदभाव है।

सरकार के द्वारा पान समाज को आरक्षण से दुर रखने का काम किया गया है, जो इस जाति के साथ भेदभाव है - प्रो के राज 3उन्होने कहा कि बीच-बीच में सरकार के द्वारा आरक्षण दिया गया। आरक्षण के दौरान बहुत से छात्रों को आरक्षण का लाभ के बाद नौकरी भी मिला। लेकिन आरक्षण समाप्त होते ही हमलोग पुनः निचले पैदान पर आ गये। आज भी हमलोगों को छुआछुत की दृष्टी से देखा जाता है।  हमारे घर कोई ब्राह्मण पूजा नहीं कराते हैं बल्कि हमलोग अपने जाति के ब्राह्मण से पूजा पाठ कराते हैं। उन्होंने बताया कि हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष के द्वारा तांती ततमा व पान समाज के उत्थान व आरक्षण को लेकर आगामी विधान सभा चुनाव के दौरान 140 सीट पर अपना उम्मीदवार खड़ा करने का फैसला लिया है। जिससे विधान सभा में हमारी आवाज को बुलंद करने तथा हमारे लिए आरक्षण की मांग किया जा सके।

सरकार के द्वारा पान समाज को आरक्षण से दुर रखने का काम किया गया है, जो इस जाति के साथ भेदभाव है - प्रो के राज 4वही जिला सचिव राम प्रीत तांती ने कहा कि सरकार के द्वारा वर्ष 2015 में हमलोगों को आरक्षण के तहत अनुसूचित जाति से जोड़ा गया था। लेकिन संवैधानिक त्रुटियो के कारण वर्ष 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने निरस्त कर दिया। इस आरक्षण को समाप्त करने में वर्तमान सरकार दोषी पाए गये। पार्टी के माध्यम से हमलोगों का प्रयास है कि उस संवैधानिक पद को पुन: प्राप्त कर अपने बच्चों का भविष्य सुधार सके। वही अनुमंडल अध्यक्ष ने कहा कि अखिल भारतीय पान महासंघ के सदस्यों का दायित्व है कि जिले के प्रत्येक प्रखंड पहुंचकर पान समाज के लोगों को जागरूक करते हुए संगठन को मजबूत करने की दिशा में पहल करने का काम किया जाय।

सरकार के द्वारा पान समाज को आरक्षण से दुर रखने का काम किया गया है, जो इस जाति के साथ भेदभाव है - प्रो के राज 5उन्होने कहा कि जिस जाति में कोई नेता नहीं होता उस जाति के लोगों को कोई पुछने वाला नहीं होता है इसलिए जो जाति के मान सम्मान के लिए लड़ाई लड़ने का काम करें वैसे व्यक्ति को सम्मान देने का काम करें, जो आपके अधिकार के लिए आवाज बुलंद कर सके। उन्होंने कहा कि आरक्षण हमारा जन्म सिद्ध अधिकार है।हम अपने उस खोए हुए आरक्षण को लेकर रहेंगे। इसके लिए हमें अपनी चट्टानी एकता को बनाए रखना होगा। हमारे समाज के द्वारा राजनीतिक में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए इंडियन इंकलाब पार्टी का गठन किया है।

जो हमें मान सम्मान दिलाने का काम करेगा। मौके पर अखिल भारतीय पान महासंघ के बलिया अनुमंडल अध्यक्ष विजय तांती, संयुक्त सचिव कन्हैया कुमार, सचिव संजीव दास, बछवाड़ा प्रखंड अध्यक्ष संजय दास, प्रखंड संयोजक मोगल दास, विश्वनाथ दास,राम बालक दास,पेड़ालाल दास, हरेन्द्र दास, राजेश कुमार,भोला दास, दिलीप दास समेत आदि लोग मौजूद थे।

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