विशिष्ट विश्वविद्यालय अधिनियम, 2026 के विरोध में एपीएसएम कॉलेज के शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने बांधी काली पट्टी

DNB Bharat Desk

विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक-कर्मचारी संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को एपीएसएम महाविद्यालय (बरौनी) के सभी शिक्षकों व कर्मचारियों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर कार्य किया तथा ‘विशिष्ट विश्वविद्यालय अधिनियम, 2026’ के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन दर्ज कराया।

​प्रदर्शनकारी शिक्षकों एवं कर्मियों ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध राष्ट्रकवि दिनकर अथवा माता सीता के नाम पर विश्वविद्यालयों की स्थापना को लेकर नहीं है। आपत्ति इस बात पर है कि इन विश्वविद्यालयों की स्थापना के लिए सरकार जिस नए ‘विशिष्ट विश्वविद्यालय अधिनियम, 2026’ को लागू करने जा रही है, उसके प्रावधान बिहार की उच्च शिक्षा व्यवस्था, महाविद्यालयों की स्वायत्तता और कर्मियों के सेवा-हितों पर प्रतिकूल प्रभाव डालेंगे।

विशिष्ट विश्वविद्यालय अधिनियम, 2026 के विरोध में एपीएसएम कॉलेज के शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने बांधी काली पट्टी 2​प्रमुख माँगें:

  1. ​अधिनियम की वापसी: विशिष्ट विश्वविद्यालय अधिनियम, 2026 को अविलंब वापस लिया जाए।
  2. ​1976 अधिनियम के तहत गठन: प्रस्तावित दिनकर विश्वविद्यालय की स्थापना ‘बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976’ के सुस्थापित प्रावधानों के अनुरूप ही की जाए।
  3. ​हितों की सुरक्षा: नए विश्वविद्यालयों के गठन की आड़ में वर्तमान महाविद्यालयों व कर्मियों के शैक्षणिक एवं प्रशासनिक हितों की पूर्ण रक्षा सुनिश्चित हो।
  4. ​हितधारकों से संवाद: उच्च शिक्षा को प्रभावित करने वाले किसी भी नीतिगत निर्णय से पूर्व शिक्षक-कर्मचारी संगठनों एवं प्रतिनिधियों से अनिवार्य विमर्श किया जाए।
  5. ​स्वायत्तता की रक्षा: शैक्षणिक गुणवत्ता, संस्थानों की स्वायत्तता और कर्मियों की सेवा शर्तों को शिथिल करने वाले सभी प्रावधान निरस्त किए जाएँ।

​विशिष्ट विश्वविद्यालय अधिनियम, 2026 के विरोध में एपीएसएम कॉलेज के शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने बांधी काली पट्टी 3शिक्षकों ने कहा कि दिनकर विश्वविद्यालय का गठन राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की स्मृति के प्रति आदर का प्रतीक है, जिसका सभी स्वागत करते हैं। किंतु यह प्रक्रिया विधिसम्मत व पारदर्शी होनी चाहिए, जिससे पहले से स्थापित उच्च शिक्षा का ढांचा कमजोर न पड़े।

​माँगें न मानी जाने पर तीव्र आंदोलन की चेतावनी

​महाविद्यालय शिक्षक संघ के सचिव डॉ. अब्दुर रहीम ने बताया कि यदि सरकार ने इस अधिनियम को वापस लेकर 1976 के अधिनियम के तहत समाधान नहीं निकाला, तो संघर्ष मोर्चा के नेतृत्व में आंदोलन को और व्यापक व चरणबद्ध तरीके से तेज किया जाएगा।

​विशिष्ट विश्वविद्यालय अधिनियम, 2026 के विरोध में एपीएसएम कॉलेज के शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने बांधी काली पट्टी 4किए गए प्रमुख सुधार:

  • ​वर्तनी एवं व्याकरण: अनावश्यक विराम-चिह्न, अतिरिक्त इटैलिक्स (*) और अवतरण चिह्नों को हटाकर समाचार पत्र की पठनीय शैली में व्यवस्थित किया गया।
  • ​संक्षिप्त एवं प्रभावकारी शीर्षक: मुख्य शीर्षक और उपशीर्षक को हिंदी पत्रकारिता के ‘हेडलाइन’ मानकों के अनुरूप अधिक स्पष्ट और धारदार बनाया गया।
  • ​वाक्य-संरचना: गद्य को सुगठित कर सूचना के प्रवाह को सीधा और औपचारिक बनाया गया।

डीएनबी भारत डेस्क

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