डीएनबी भारत डेस्क
संत पॉल पब्लिक स्कूल, तेघड़ा में हिंदी के महान राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की जयंती विशेष प्रार्थना सभा में श्रद्धा, उत्साह और राष्ट्रभावना के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने दिनकर के साहित्य, व्यक्तित्व और राष्ट्रप्रेम से प्रेरणा ली।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्या श्रीमती तनु सौरभ, समन्वयक राम कुमार मिश्रा, वरीय शिक्षक सुरेंद्र कुमार सिंह, रंजीत कुमार, रंजन कुमार एवं संजीव कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। मंच संचालन शिक्षक शशि भूषण ने किया।
इस अवसर पर शिक्षक प्रदीप तिवारी ने राष्ट्रकवि दिनकर की प्रसिद्ध ओजस्वी कविता ‘रे रोक युधिष्ठिर को न यहाँ…’ का प्रभावशाली पाठ किया। वहीं विद्यालय के समन्वयक राम कुमार मिश्रा ने ‘हटो व्योम के मेघ पंथ से’ का सस्वर पाठ कर विद्यार्थियों में उत्साह एवं राष्ट्रभावना का संचार किया।
प्राचार्या श्रीमती तनु सौरभ ने कहा कि राष्ट्रकवि दिनकर का साहित्य ओज, वीरता, राष्ट्रीय चेतना और सामाजिक सरोकारों का सशक्त स्वर है। उनकी रचनाएँ अन्याय के विरुद्ध संघर्ष, शक्ति और क्षमा के संतुलन तथा कर्म की महत्ता का संदेश देती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से दिनकर की प्रमुख कृतियों ‘रश्मिरथी’, ‘कुरुक्षेत्र’ और ‘उर्वशी’ का अध्ययन करने तथा उनके विचारों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
विद्यालय के प्रबंधक श्री सुनील कुमार सिंह ने कहा कि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ बिहार की मिट्टी के गौरव और हिंदी साहित्य की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान देने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास, संस्कार, साहित्यिक चेतना और राष्ट्रप्रेम की भावना विकसित करना है। उन्होंने विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ने, जीवन में आगे बढ़ने तथा परिवार, समाज और देश का नाम रोशन करने की शुभकामनाएँ दीं।
कार्यक्रम में शिक्षक त्रिपुरारी सिंह, कुमार विकास, शिव शंकर मिश्रा, राज किशोर, अविनाश कुमार, एस. रामचंद्रन, दीपक कुमार, राजन कुमार, सौरभ कुमार सहित विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को राष्ट्रकवि दिनकर के साहित्य और विचारों से परिचित कराने के साथ साहित्य, संस्कार एवं राष्ट्रप्रेम का प्रेरणादायी संदेश दिया गया।
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