नालंदा में अनोखी पहल: सीजेजे की ‘कॉकरोच’ टिप्पणी से प्रेरित होकर युवा ने खोला ‘कॉकरोच कैफे’, हर तरफ हो रही चर्चा

DNB Bharat Desk

बिहार में अमूमन माता-पिता चाहते हैं कि उनके बच्चे व्यवसाय से दूर रहकर पढ़ाई करें और सरकारी नौकरी हासिल करें, लेकिन नालंदा के हिलसा में एक युवा ने इस सोच से अलग हटकर एक ऐसी शुरुआत की है, जिसकी चर्चा आज हर किसी की जुबान पर है। हाल के दिनों में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए ‘कॉकरोच आंदोलन’ से प्रेरित होकर हिलसा बायपास में’कॉकरोच कैफे’ का उद्घाटन किया गया है।

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27 जुलाई को दिल्ली में आंदोलन खत्म होते ही इस कैफे की शुरुआत की गई, जो अब युवाओं का नया ठिकाना बन चुका है.कैफे के संचालक कनिष्क राज रजनी बताते हैं कि कुछ समय पहले चीफ जस्टिस ने बेरोजगार युवाओं (Gen-Z) पर टिप्पणी करते हुए उन्हें ‘कॉकरोच’ कहा था। इसी बात को लेकर दिल्ली में युवाओं ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ बनाकर प्रोटेस्ट किया था।

नालंदा में अनोखी पहल: सीजेजे की 'कॉकरोच' टिप्पणी से प्रेरित होकर युवा ने खोला 'कॉकरोच कैफे', हर तरफ हो रही चर्चा 2कनिष्क कहते हैं, “जब यह प्रोटेस्ट शुरू हुआ, तभी मुझे लगा कि कॉकरोच (बेरोजगार युवा) सिर्फ जॉब के पीछे नहीं भाग सकते, बल्कि वे बिजनेस भी कर सकते हैं और कुछ कर गुजरने की इच्छाशक्ति हो, तो वे सफलता भी हासिल कर सकते हैं। मैंने इसी ताने को अपनी ताकत बनाया और कॉकरोच कैफे खोल दिया ।

नालंदा में अनोखी पहल: सीजेजे की 'कॉकरोच' टिप्पणी से प्रेरित होकर युवा ने खोला 'कॉकरोच कैफे', हर तरफ हो रही चर्चा 3कनिष्क हिलसा के बिहारी रोड के निवासी हैं। उनका परिवार पूरी तरह से सेटल है, उनकी मां सोना देवी हिलसा मिडिल स्कूल में शिक्षिका हैं, बहन कटिहार में दारोगा (Sub-Inspector) हैं और पिता रामावतार प्रसाद व्यवसायी हैं।

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