सांसद पप्पू यादव का प्रशासन पर जाति पूछकर पिटाई करने का लगाया का आरोप, नगरनौसा मामले को मानवाधिकार आयोग ले जाएंगे, डिग्री कॉलेज विवाद पर सियासत तेज, राज्यपाल से करेंगे शिकायत।
डीएनबी भारत डेस्क

नालंदा जिले के नगरनौसा बाजार में डिग्री कॉलेज की मांग को लेकर हुए बवाल और पुलिस-ग्रामीणों के बीच हुई झड़प की गूंज अब राजनीतिक गलियारों तक पहुंच गई है। घटना के बाद निर्दलीय सांसद पप्पू यादव पटना लौटने के दौरान नगरनौसा पहुंचे और पीड़ित ग्रामीणों से मुलाकात कर पूरी घटना की जानकारी ली।
इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार के साथ-साथ विपक्ष पर भी तीखा हमला बोला।नगरनौसा पहुंचकर सांसद पप्पू यादव ने कहा कि बिहार में विपक्ष भी पूरी तरह समाप्त हो चुका है और उसकी आवाज जनता के मुद्दों से दूर हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अन्याय और पुलिसिया कार्रवाई के खिलाफ न तो सत्ता पक्ष बोल रहा है और न ही विपक्ष।
पप्पू यादव ने हाजीपुर आरा सीवान में हुए कथित फर्जी एनकाउंटर का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी सरकार का कोई मंत्री पीड़ित परिवारों से मिलने नहीं पहुंचा था। उन्होंने दावा किया कि जिन लोगों की मौत हुई थी, वे यादव समाज से थे, इसलिए सरकार ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने कहा कि वे लगातार फर्जी एनकाउंटर और मानवाधिकार हनन के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं।
सांसद ने नगरनौसा थानाध्यक्ष शशिरंजन मिश्रा पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि लोगों को जाति पूछकर प्रताड़ित और पीटा गया। उन्होंने कहा कि नगरनौसा में हुई कथित पुलिसिया ज्यादती के खिलाफ वे मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाएंगे और बिहार के राज्यपाल से मिलकर कार्रवाई की मांग करेंगे। आज बिहार में विपक्ष पूरी तरह खत्म हो चुका है।
सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों जनता के मुद्दों पर मौन हैं। नगरनौसा में हुई घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।”वहीं, घटना से नाराज ग्रामीणों ने भी सत्ता पक्ष के नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि वे इलाके में आकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश न करें।
डीएनबी भारत डेस्क