डीएनबी भारत डेस्क
नालंदा जिले में गुरुवार को बकरीद का पर्व श्रद्धा, उल्लास और भाईचारे के माहौल में मनाया गया। सुबह से ही मस्जिदों और ईदगाहों में नमाजियों की भीड़ उमड़ी। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को बकरीद की मुबारकबाद दी और अमन-चैन की दुआ मांगी।

बिहारशरीफ की बड़ी दरगाह, शाही जामा मस्जिद समेत जिलेभर में सामूहिक नमाज अदा की गई। बड़ी दरगाह के गद्दीनशीन पीर साहब ने कहा कि ईद-उल-अजहा त्याग, समर्पण और इंसानियत का संदेश देने वाला पर्व है। उन्होंने लोगों से आपसी भाईचारा और सौहार्द बनाए रखने की अपील की।बकरीद को लेकर बच्चों में भी खास उत्साह देखने को मिला।
नमाज के बाद लोगों ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार कुर्बानी दी और मांस का एक हिस्सा गरीबों व जरूरतमंदों में वितरित किया। इस्लामिक मान्यता के अनुसार यह पर्व हजरत इब्राहीम और हजरत इस्माइल की कुर्बानी की याद में मनाया जाता है तथा त्याग, प्रेम और सामाजिक एकता का प्रतीक माना जाता है।
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