डीएनबी भारत डेस्क
बछवाड़ा प्रखंड मुख्यालय के अम्बेडकर भवन में सोमवार को आशा दिवस व मुख्यमंत्री के घेराव को लेकर आशा कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित की गयी. बैठक के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने बकाये राशि के भुगतान को लेकर जमकर विरोध किया.

उन्होंने कहा कि विगत माह से आशा कार्यकर्ताओं को मानदेय का भुगतान नहीं किया जा रहा है. बैठक को संबोधित करते हुए बिहार राज्य आशा संध के उपाध्यक्ष सरीता राय ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं के मेहनत से सीएससी चल रहा है, जब आशा कार्यकर्ता नहीं थी तब अस्पताल में सुरक्षित प्रसव नहीं होता था. लेकिन सरकार के द्वारा आशा कार्यकर्ताओं को नजरंदाज किया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि हम आशा कार्यकर्ता अपनी14 सुत्रीय मांग को लेकर मंगलवार 26 मई को पटना पहुंचकर मुख्यमंत्री का घेराव करेंगे. उन्होंने अपनी मांग पत्र के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि हम आशा कार्यकर्ताओ को राज्य कर्मी का दर्जा दिया जाय, आशा कार्यकर्ताओं के बकाये राशि का भुगतान अविलंब किया जाय,सेवा निवृत्त होने की उम्र 65 वर्ष की जाय.
आशा के सेवानिवृत्त होने पर उन्हें चालिस लाख रुपया या फिर पेंशन दिया जाय, जिससे आशा का जिवकोपार्जन हो सके.आशा कार्यकर्ताओं की मानदेय 26 हजार रुपये प्रतिमाह दिया जाय. उन्होंने कहा कि जब तक हमारी मांग पुरी नहीं होती है हमारा संघर्ष जारी रहेगा. हम बैठक के माध्यम से सरकार को जानकारी देना चाहते हैं कि हमारी मांग जल्द पुरा नही किया गया तो हम बिहार की आशा स्वास्थ्य सेवा ठप कर उग्र आन्दोलन के लिए बाध्य हो जाएंगे.
जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी. मौके पर आशा कार्यकर्ता रानी राय,डेजी कुमारी,सोनी कुमारी,विभा कुमारी,बेबी कुमारी,रिंकू कुमारी,प्रियंका कुमारी,रीना कुमारी,सीता कुमारी,मीरा कुमारी,हेमा कुमारी,किरण कुमारी,बबीता कुमारी समेत करीब दो सौ की संख्या में आशा कार्यकर्ता मौजूद थी.
बेगूसराय बछवाड़ा संवाददाता मनोज कुमार राहुल की रिपोर्ट