बिहारशरीफ में श्रद्धा के साथ मनाया गया वट सावित्री व्रत, सुहागिनों ने पति की लंबी उम्र के लिए की पूजा-अर्चना

DNB Bharat Desk

बिहारशरीफ के विभिन्न क्षेत्रों में शनिवार को वट सावित्री व्रत श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया। धनेश्वर घाट, मोगल कुआं डाक बंगला चौक, सोहसराय अस्पताल चौक, रामचंद्रपुर समेत कई इलाकों में सुहागिन महिलाओं ने सुबह स्नान-ध्यान के बाद सोलह श्रृंगार कर वट वृक्ष की पूजा-अर्चना की और अपने पति की लंबी आयु एवं सुख-समृद्धि की कामना की।

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सुबह से ही वट वृक्ष के पास महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी। महिलाएं पूजा की थाली में फल, फूल, धूप, दीप, अक्षत, रोली और मिठाई लेकर पहुंचीं। विधि-विधान से पूजा करने के बाद वट वृक्ष के चारों ओर कच्चा सूत लपेटकर परिक्रमा की गई। कई महिलाओं ने व्रत कथा का श्रवण भी किया।मान्यता है कि वट सावित्री व्रत का संबंध सती सावित्री और राजा सत्यवान की पौराणिक कथा से जुड़ा हुआ है।

बिहारशरीफ में श्रद्धा के साथ मनाया गया वट सावित्री व्रत, सुहागिनों ने पति की लंबी उम्र के लिए की पूजा-अर्चना 2कथा के अनुसार राजकुमारी सावित्री का विवाह सत्यवान से हुआ था। विवाह के बाद ऋषियों ने भविष्यवाणी की थी कि सत्यवान की आयु बहुत कम है। इसके बावजूद सावित्री ने अपने पति का साथ नहीं छोड़ा और कठोर तप एवं व्रत किया।एक दिन जंगल में लकड़ी काटने के दौरान सत्यवान की मृत्यु हो गई। तभी यमराज उनके प्राण हरने पहुंचे। सावित्री भी यमराज के पीछे-पीछे चल पड़ीं। उनकी पतिव्रता, तपस्या और अटूट निष्ठा से प्रसन्न होकर यमराज ने वरदान मांगने को कहा।

बिहारशरीफ में श्रद्धा के साथ मनाया गया वट सावित्री व्रत, सुहागिनों ने पति की लंबी उम्र के लिए की पूजा-अर्चना 3सावित्री ने बुद्धिमानी से पहले अपने सास-ससुर की खुशहाली और फिर संतान का वरदान मांगा। संतान का वरदान देते ही यमराज को सत्यवान को जीवित करना पड़ा। तभी से सुहागिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और अखंड सौभाग्य के लिए वट सावित्री व्रत करती आ रही हैं।बछवाड़ा के जहानपुर में मासूम की मौत के बाद भड़का राजद, पीड़ित परिवार के लिए मांगा 50 लाख का मुआवजा

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