हज यात्रियों के लिए दुआ की महफिल एक बरकत वाला मिलन: कारी मोहम्मद शाहिद

DNB Bharat Desk
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समस्तीपुर। समस्तीपुर का प्रतिष्ठित स्वयंसेवी संस्था ‘बिहार यूथ फेडरेशन’ के सक्रिय सदस्य हाफ़िज़ इसरार आलम (सुपुत्र स्वर्गीय मोहम्मद काज़िम) आज हज यात्रा के लिए रवाना हो गए। उनकी इस मुबारक यात्रा पर रवानगी से पूर्व एक दुआ की महफिल का आयोजन किया गया।

 इस अवसर पर ‘दारुल उलूम तजवीदुल कुरआन’, अकबरपुर मिल्की के प्रबंधक (मोहतमिम) कारी मोहम्मद शाहिद ने संबोधित करते हुए कहा:

“हज इस्लाम का पांचवां स्तंभ है, जो सामर्थ्य रखने वाले मुसलमानों पर जीवन में एक बार अनिवार्य (फर्ज़) है। जब हज यात्री इस पवित्र यात्रा पर निकलते हैं, तो उनके सम्मान में दुआ की महफिलें आयोजित करना हमारी सामाजिक और धार्मिक परंपराओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

 हज यात्रियों के लिए दुआ की महफिल एक बरकत वाला मिलन: कारी मोहम्मद शाहिद 2ये महफिलें न केवल हज यात्रियों का उत्साह बढ़ाती हैं, बल्कि उन्हें हज के महत्व, शिष्टाचार और अरकान (नियमों) से अवगत कराने का माध्यम भी बनती हैं। उन्होंने आगे कहा कि इन महफिलों का मुख्य उद्देश्य अल्लाह के घर जाने वाले भाग्यशाली लोगों को बधाई देना और उनकी सुरक्षा, हज की स्वीकार्यता व यात्रा की सुगमता के लिए प्रार्थना करना है। ऐसी सभाओं में विद्वान और बुजुर्ग यात्रियों को हज के विभिन्न पड़ावों, जैसे तवाफ़-ए-कुदूम, मिना और अराफात में ठहरने, और तवाफ़-ए-विदा आदि के बारे में महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश देते हैं। 

कारी मोहम्मद शाहिद ने भावुक होते हुए कहा कि इन महफिलों में बेहद मार्मिक दृश्य देखने को मिलते हैं। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे हज के दौरान, विशेष रूप से ‘यौम-ए-अराफ़ा (अराफ़ात का दिन) और ‘मुल्तज़म’ के पास मुस्लिम उम्माह की उन्नति और अपने परिवार के लिए विशेष प्रार्थना करें। हाजियों से यह भी अनुरोध किया गया कि वे ‘रौज़ा-ए-रसूल’ (सल्ल.) पर हाजिरी के समय सभी मुसलमानों की ओर से सलाम पेश करें और देश की शांति व सुरक्षा के लिए दुआ करें।

 हज यात्रियों के लिए दुआ की महफिल एक बरकत वाला मिलन: कारी मोहम्मद शाहिद 3महफिल में यात्रियों को यात्रा के दौरान धैर्य रखने, एहराम के नियमों और हज के अरकानों को पूरा करने में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी बताया गया। इस बात पर जोर दिया गया कि वे अपनी नियत (इरादे) को साफ रखें और हज को आख़िरत (परलोक) की तैयारी के रूप में समझें।

हज यात्रियों के लिए यह दुआ की महफिल एक ऐसा बरकत वाला समागम है, जो हाजियों के दिलों में हज का शौक और बढ़ा देता है। यह उन्हें एहसास दिलाता है कि वे केवल अपने लिए नहीं, बल्कि पूरी मुस्लिम उम्माह का प्रतिनिधित्व करते हुए अल्लाह के मेहमान बनकर जा रहे हैं। अंत में कारी मोहम्मद शाहिद की भावपूर्ण दुआ के साथ महफिल संपन्न हुई। इस अवसर पर मुख्य रूप से सैयद इमाम रिज़वी, हाजी शाहीन परवेज़, हाजी मोहम्मद अफरोज़,  हाजी आफताब आलम के अलावाइफ्तिखार आलम,पप्पू खान, मोहम्मद रुबैद, मोहम्मद गुफरान,नौशाद आलम, मास्टर मोहम्मद वसीम, अब्दुल कादिर, एडवोकेट राहुल गुप्ता, राजीव यादव समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद थे।

समस्तीपुर संवाददाता अफरोज आलम की रिपोर्ट

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