डीएनबी भारत डेस्क
भवानंदपुर निवासी श्रवण महतों की पुत्री ममता कुमारी ने स्थानीय थाना में आवेदन देते हुये बच्चा दिलवाने व क्लिनिक संचालकों पर कार्रवाई करने की मांग की है। वह आंखों से विकलांग है। उसने गर्भावस्था में जब अल्ट्रासाउंड करवाया तो रिपोर्ट में बताया गया कि उसके पेट में 2 बच्चा है।

गत 19 नवंबर को प्रसव पीड़ा होने पर वह अस्पताल गयी तो नर्स ने किसी प्राइवेट अस्पताल जाने की सलाह दी। पीड़िता के अनुसार, वह लक्ष्मीपुर स्थित आशा किरण स्वास्थ्य सेवा सदन गयी। जहां बाघी वार्ड 25 की निशा कुमारी एवं लक्ष्मीपुर की उजाला कुमारी से मुलाकात हुई। उक्त दोनों के देखरेख में बच्चों को जन्म दिया। पीड़िता के अनुसार, मुझे 2 बच्चों के रोने की आवाज़ सुनाई दी उसके बाद मैं बेहोश हो गयी।
निशा कुमारी द्वारा मेरी मां को मात्र एक बच्ची दिया गया। दूसरा बच्चा मांगने पर गालीगलौज व मारपीट कर भगा दिया। बाद में उजाला कुमारी को क्लिनिक से हटा दिया गया। तब उसने बताया कि तुमने एक लड़का और एक लड़की को जन्म दिया था। लड़का को निशा कुमारी ने रख लिया है।
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि निशा कुमारी डॉ ज्ञान रंजन का बोर्ड लगा कर नाजायज ढंग से महिला का प्रसव कराती है तथा मासूम बच्चों की खरीद बिक्री करती है। पीड़िता ने कहा कि निशा कुमारी द्वारा बराबर धमकी दी जा रही है कि शिकायत किया तो तुम्हारे पिता की हत्या करवा देंगे। उसने डॉक्टर व दोनों महिला के विरूद्ध कानूनी कार्रवाई करते हुये बच्चा दिलवाने की गुहार लगाई है।
बेगूसराय वीरपुर संवाददाता गोपल्लव झा की रिपोर्ट