गाजे-बाजे के साथ निकली बाबा की बारात, भक्ति के रंग में रंगे नौला और डीह समेत दर्जनों गांव
डीएनबी भारत डेस्क
देवा धी देव महादेव और मां पार्वती जी की शादी को लेकर पुरानों में वर्णित महां शिवरात्रि व्रत के मौके पर वीरपुर प्रखंड क्षेत्र व थाना क्षेत्र के नौला, डीह, भवानंदपुर, वीरपुर पूर्वी, वीरपुर पश्चिम, गेंन्हरपुर, जगदर, पर्रा,सहुरी, मैदा भवन्नगामा, रत्न मन वभनगामा के विभिन्न गांवों में स्थापित भूत भावन भगवान भोलेनाथ मां पार्वती गणेश,नन्दी समेत स्व परिवार को भक्ति भाव से पुजा अर्चना करने के लिए बुढे बच्चे,यूवा,यूवतीयो की भीड़ सुबह से ही उमड़ पड़ी।

रात्रि में शिव और मां पार्वती जी की शादी समारोह को लेकर जगह जगह ब्रात भी गाजे बाजे, ढोल नगाड़े के साथ निकाला गया। इस संबंध में विभिन्न शिवालयों में मौजूद विद्वान पंडितों, जानकारों ने बताया कि मां पार्वती बाबा भोलेनाथ से शादी करने के लिए हजारों वर्ष तपस्या की थी।
तो भूत भावन भगवान भोलेनाथ प्रसन्न होकर तत्काल उपस्थित होकर तथा अस्तू कहें थे। विद्वान पंडितों ने यह भी बताया कि शास्त्रों में यह भी वर्णन आया है कि इस दिन जो भी छात्र, छात्राएं, पंचामृत,दुध, गंगा जल, बेलपत्र,धुप दीप,नेवेद आदि से षोडशोपचार या पंचोपचार पूजा अर्चना भक्ति भाव से किया करते हैं उन्हें कैरियर के क्षेत्र में सफलता, पढ़ाई में मन लगता है।
नव विवाहिता अपने पति के दिर्घायु सुख समृद्धि की कामना करते हैं।शत्रु बाधा से मुक्ति मिलती है।इस दिन रात्रि में मां पार्वती और बाबा भोलेनाथ की शादी समारोह में मन बचन कर्म से जो शरीक होते हैं और रात भर जाग भजन किर्तन किया करते हैं। उन्हें भगवान भोलेनाथ और मां पार्वती जी की कृपा से अभिष्टशिधधी की प्राप्ति होती है। तथा सदैव उन पर भोले नाथ की कृपा बनी रहती है।
बेगूसराय वीरपुर संवाददाता गोपल्लव झा की रिपोर्ट