नालंदा और गया जिले की उद्यमी महिलाओं ने कार्यक्रम में शिरकत की
डीएनबी भारत डेस्क
नूरसराय हॉर्टिकल्चर कॉलेज में स्वच्छ ऊर्जा महिला उद्यमिता मेला 2026 का भव्य आयोजन किया गया। इस मेले में गया और नालंदा जिले की सैकड़ों महिलाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को स्वच्छ ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन और उद्यमिता के क्षेत्र में सशक्त बनाना रहा।

कार्यक्रम में स्वयं शिक्षण प्रयोग संस्था की महत्वपूर्ण भूमिका रही। संस्था का मुख्यालय महाराष्ट्र के पुणे में स्थित है और यह देश के आठ राज्यों में सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। वर्तमान में संस्था चार लाख से अधिक महिलाओं के साथ मिलकर महिला सशक्तिकरण और सतत विकास की दिशा में काम कर रही है।
गया और नालंदा जिले में संस्था से जुड़ी लगभग 100 महिला उद्यमी स्वच्छ ऊर्जा के प्रति जागरूकता फैलाने का कार्य कर रही हैं। महिलाओं को जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से अवगत कराया जा रहा है और यह बताया जा रहा है कि किस प्रकार इन चुनौतियों का समाधान कर एक सफल उद्यमी बना जा सकता है। साथ ही, गांवों की समस्याओं के व्यावहारिक समाधान विकसित करने पर भी जोर दिया गया।
इस पहल के तहत महिलाएं बायोगैस प्लांट, स्मोकलेस चूल्हे, जैविक खाद का निर्माण कर रही हैं और रेडीमेड जैविक उत्पादों की बिक्री भी कर रही हैं। नालंदा जिले में अब तक ढाई सौ से अधिक बायोगैस प्लांट लगाए जा चुके हैं, जो पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, एक बायोगैस प्लांट प्रतिवर्ष लगभग 500 मीट्रिक टन कार्बन उत्सर्जन को वातावरण में जाने से रोकता है और इससे लगभग 5 एकड़ भूमि में जैविक खेती संभव हो पाती है। इस प्रकार नालंदा की महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और कार्बन रिडक्शन में भी अहम भूमिका निभा रही हैं।
डीएनबी भारत डेस्क