डीएनबी भारत डेस्क
तेघड़ा (बेगूसराय)। 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर तेघड़ा अनुमंडल अंतर्गत प्रखंड स्थित सभागार भवन अटल कलम भवन, तेघड़ा में अनुमंडल पदाधिकारी राकेश कुमार के नेतृत्व में एक भव्य, प्रेरणादायी एवं बहुआयामी सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन न केवल गणतंत्र दिवस के उल्लास को दर्शाता रहा, बल्कि शिक्षा, पोषण, स्वावलंबन और बच्चों की प्रतिभा को मंच देने का सशक्त उदाहरण भी बना।

कार्यक्रम स्थल पर जीविका दीदियों द्वारा लगाए गए विभिन्न व्यंजनों से संबंधित स्टॉल लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। स्थानीय स्वाद, पारंपरिक व्यंजन और स्वच्छता के साथ प्रस्तुत इन फूड स्टॉलों ने जीविका दीदियों के आत्मनिर्भरता प्रयासों को उजागर किया। अनुमंडल पदाधिकारी ने स्वयं इन स्टॉलों का निरीक्षण किया, व्यंजनों का स्वाद लिया और जीविका दीदियों के कार्यों की प्रशंसा करते हुए उनके आर्थिक सशक्तिकरण को सराहनीय बताया।
इसी क्रम में आंगनबाड़ी सेविकाओं द्वारा पोषण वाटिका का सुंदर एवं जानकारीपूर्ण प्रदर्शन किया गया। पोषण वाटिका के माध्यम से संतुलित आहार, हरी सब्जियों, फल और बच्चों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े संदेशों को सरल ढंग से प्रस्तुत किया गया। इस पहल को उपस्थित लोगों ने खूब सराहा।
सरकारी विद्यालयों के बच्चों द्वारा विज्ञान प्रदर्शनी, मॉडल, फूड स्टॉल और रचनात्मक प्रस्तुतियाँ लगाई गईं। बच्चों ने विज्ञान से जुड़े प्रयोगों, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, ऊर्जा और दैनिक जीवन से संबंधित विषयों को अपने मॉडलों के माध्यम से समझाया। यह प्रदर्शनी बच्चों की वैज्ञानिक सोच, नवाचार और आत्मविश्वास को दर्शाती रही।
इसके पश्चात अटल कलम भवन सभागार में सरकारी विद्यालयों के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। नृत्य, संगीत, देशभक्ति गीत और प्रेरक भाषणों ने पूरे वातावरण को देशभक्ति से ओत-प्रोत कर दिया। बच्चों की सधी हुई प्रस्तुति, मंच पर आत्मविश्वास और भावपूर्ण अभिव्यक्ति ने यह स्पष्ट किया कि पिछले कई वर्षों से लगातार इस प्रकार के आयोजनों का सकारात्मक प्रभाव बच्चों पर पड़ा है। आज सरकारी विद्यालयों के बच्चे न केवल प्रतिभाशाली दिख रहे हैं, बल्कि वे मंच संचालन और प्रस्तुति में भी दक्ष हो रहे हैं।
अपने संबोधन में अनुमंडल पदाधिकारी ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानने और निखारने का अवसर देते हैं। सरकारी विद्यालयों के प्रति समाज की सोच में बदलाव लाना प्रशासन की प्राथमिकता है, और ऐसे आयोजनों से यह संदेश जाता है कि सरकारी विद्यालयों के बच्चे भी किसी से कम नहीं हैं।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएँ, आंगनबाड़ी सेविकाएँ, जीविका दीदियाँ, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी उपस्थित लोगों ने बच्चों की प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद लिया और तालियों के साथ उनका उत्साहवर्धन किया।
समग्र रूप से यह आयोजन गणतंत्र दिवस की गरिमा, जनभागीदारी, शिक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण का जीवंत उदाहरण बना। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए अनुमंडल प्रशासन, विद्यालय परिवार, जीविका एवं आंगनबाड़ी से जुड़े सभी सहभागियों की सराहना की
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