जदयू कार्यकर्ताओं ने दिखाया बेरुख़ी.जयंती मंच पर सन्नाटा, जदयू कार्यकर्ता धूप में मस्त
डीएनबी भारत डेस्क
बिहार शरीफ के आईएमए हॉल में आज एक अजीब नज़ारा देखने को मिला, जहाँ जननायक कर्पूरी ठाकुर की 102 वीं जयंती तो मनाई गई, लेकिन बिना जोश, बिना भीड़ और लगभग बिना कार्यकर्ताओं के। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कर्पूरी ठाकुर को अपना आदर्श मानते हैं। उनकी जयंती पर हर साल समाजवादी मूल्यों और आदर्शों पर चलने की शपथ ली जाती है।

लेकिन हैरानी की बात ये रही कि मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र नालंदा में ही जदयू कार्यकर्ताओं ने इस आयोजन से दूरी बना ली। सभागार के अंदर कुर्सियाँ लगी थीं पूरे 225, लेकिन मौजूद थे सिर्फ 36 कार्यकर्ता। बाक़ी कुर्सियाँ खाली रह गयी और कई जदयू कार्यकर्ता कार्यक्रम के अंदर जाने के बजाय बाहर धूप का आनंद लेते नज़र आए।सत्ता पक्ष के विधायक हों या नगर अध्यक्ष कोई भी एक सभागार तक नहीं भर सका।ऐसा लगा मानो कर्पूरी ठाकुर के आदर्शों से जदयू कार्यकर्ता ही भागते नज़र आ रहे हों।जहाँ श्रद्धांजलि होनी चाहिए थी, वहाँ अनुपस्थिति ने दर्द दे दिया।
हालाँकि पार्टी अध्यक्ष मोहम्मद अरशद ने खाली कुर्सियों पर सफ़ाई दी। उनका कहना है कि पूरे प्रखंड में अलग-अलग जगहों पर कर्पूरी ठाकुर की जयंती मनाई जा रही थी, इसी वजह से हॉल खाली रहा। लेकिन इस पूरे मामले की ज़िम्मेदारी उन्होंने नगर अध्यक्ष मोहम्मद गुलरेज अंसारी पर डाल दी।सवाल यह उठता है की क्या कर्पूरी ठाकुर सिर्फ भाषणों तक सीमित रह गए हैं?और क्या जदयू कार्यकर्ताओं में अब उनके आदर्शों के लिए वो सम्मान नहीं बचा? नालंदा से सवाल उठता है और जवाब अभी बाकी है।
डीएनबी भारत डेस्क
