कार्तिक महीने में तुलसी और आंवला के पौधे में जल देना हमारी पुरातन परंपरा है – बौआ हनुमान

DNB Bharat Desk

साइकिल पे संडे टीम राजकीय कल्पवास मेला स्थित परिसर में 50 से अधिक पौधों का वितरण और पौधारोपण किया गया। इस अवसर पर कल्पवास मेला क्षेत्र अंदर गोलंबर पर पीपल का वृक्ष लगाकर अभियान को आगे बढ़ाया गया। मौके पर पौधारोपण करते हुए पंडित मिथिलेश दास उर्फ बौआ हनुमान ने कहा कि कार्तिक महीने में तुलसी और आंवला के पौधे में जल देना हमारी पुरातन परंपरा है।

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दोनों ही औषधीय पौधे हैं, जिसके घर में यह पौधा है वहां किसी भी तरह का रोग विकार नहीं रहता है। उन्होंने कहा कि यह अभियान अब देश भर में जाना जा रहा है और इसकी सर्वत्र चर्चा हो रही है। खासकर अभियान से जुड़े नौनिहालों के बारे में उन्होंने कहा कि यह आने वाले समय के लिए देश के सबसे बड़े संत होंगे। मतलब संत वही है जो स्वच्छता और पर्यावरण के लिए काम करता है।

कार्तिक महीने में तुलसी और आंवला के पौधे में जल देना हमारी पुरातन परंपरा है - बौआ हनुमान 2मौके पर अभियान के विनोद भारती, डॉ कुंदन कुमार, सुजीत कुमार, अंशु कुमार, कुणाल कुमार, शिवम कुमार, नीतीश कुमार, राजा कुमार, अक्षय, अक्षत, अंकित एवं केशव सहित अन्य उपस्थित थे। इस अवसर पर साइकिल पे सन्डे के सदस्यों द्वारा पर्यावरण को लेकर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

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