गंगा में लगातार बढ़ रहा जलस्तर, कल्पवासियों के लिए प्रशानिक सुविधा पड़ रही है कम

DNB Bharat Desk

गंगा नदी सिमरिया धाम तट पर ख़तरे के निशान से ऊपर। लगातार जलस्तर वृद्धि से कल्पवासियों की बढ़ी मुश्किल। प्रशासन द्वारा नियमित रूप किया जा रहा है निरीक्षण

 

डीएनबी भारत डेस्क 

गंगा नदी में जलस्तर लगातार बढ़ते रहने से सिमरिया धाम में गंगा नदी ख़तरे के निशान से ऊपर बह रही है जिससे सिमरिया धाम में गंगा नदी तट पर आयोजित राजकीय कल्पवास मास मेला में कल्पवास कर रहे कल्पवासियों की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। दूसरी तरफ कल्पवासियों को इसकी परवाह नहीं, उनकी आस्था परवान चढ़ रहा है। हर पल हरी के नाम का संकृतन, नाम, रुप, लीला, धाम, बाल लीला, विवाह लीला, वन लीला, रण लीला, राज लीला का बखान और गंगा महाआरती से सिमरिया धाम की तट गुंजायमान हो रहा है।

- Sponsored Ads-

मेला क्षेत्र में गंगा नदी की जल प्रवेश को लेकर अंचल अधिकारी बरौनी सुजीत सुमन, थानाध्यक्ष चकिया ओपी दिवाकर प्रसाद सिंह, जेई पीएचईडी तेघड़ा प्रमंडल मैनेजर राम, एसडीआरएफ एवं डीडीआरएफ टीम तथा घाट संवेदक दिलीप कुमार निकटतम से नज़र बनाए हुए हैं कि किसी भी परिस्थिति में कल्पवासियों को इससे परेशानी नहीं हो। फिर भी सिक्स लेन पुल निर्माण कार्य स्थल के समीप से गुजरते हुए गंगा का पानी प्रवेश कर रहा है। जहां पानी पूरब दिशा से प्रवेश किया था वहां भी पानी कमने का नाम नहीं ले रहा है। आज़ भी साधु संत महात्माओं ने खुद से अपने खालसा में कुदाल लेकर मिट्टी व बालु डालकर घेरा बना रहे थे तो कोई गंगाजल के बीच में ही आरती, पुजन, संकृतन, भजन, महाप्रसाद सामाग्री की तैयारी करने में लगे हुए हैं।

कल्पवासियों का आस्था परवान चढ़ चुका है। वह स्थानीय प्रशासन को कोसते हुए कह रहे थे कि जब तक इस तरफ़ ठोस कदम नहीं उठाया जाएगा पानी प्रवेश करना बन्द नहीं होगा और हम-सब का सभी सामाग्री नष्ट हो जाएगा। प्रशासन हमें किसी भी प्रकार की सुविधाएं नहीं उपलब्ध करा रही है। जबकि पीएचईडी के अभियंता मैनेजर राम, थानाध्यक्ष चकिया ओपी दिवाकर प्रसाद सिंह, अंचल अधिकारी बरौनी सुजीत सुमन, एडीएम राजेश कुमार सिंह का कहना है कि जहां पानी प्रवेश कर गया है। वहां के खालसा को दुसरे स्थान पर शिफ्ट किया जा रहा और अस्थाई शौचालय का निर्माण युद्ध स्तर पर कराया जा रहा है। वहीं चापाकल और बिजली कनेक्शन भी साथ-ही-साथ उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रशासन पुरी तरह से मुस्तैद है। बाढ़ सी स्थिति कहीं उत्पन्न नहीं हुई है। वहीं इस संबंध में साधुओं ने कहा कि पहले तो गंगा की कल-कल करती धारा में हम सब जाते गंगा नदी तट पूजन करने तथा संध्या आरती करने इस बार माता गंगा खालसा- खालसा, कुटिया-कुटिया में प्रवेश कर गईं हैं। परेशानी तो बढ़ ही गई है पर स्थिति नियंत्रण में है।

बेगूसराय से धर्मवीर कुमार 

- Sponsored Ads-
- Sponsored Ads-
Share This Article