मानवता की मिसाल: विभूतिपुर के मो. हसमत ने लिया अंगदान का संकल्प, मौत के बाद भी देंगे नया जीवन

DNB Bharat Desk

जिंदगी के साथ जिन्दगी के बाद भी लोगों कों नई जीवन, जीवन दान दिलाने के लिए कृत संकल्पित रहने वाले विभूतिपुर के मो हसमत ने अंगदान का संकल्प लेकर मानवता की मिसाल पेश की है।

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 भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत अंगदान के लिए जारी प्रतिज्ञा प्रमाणपत्र के अनुसार, मो हसमत ने अपने हृदय, लिवर और किडनी दान करने की सहमति दी है। प्रमाणपत्र 16 अक्टूबर 2026 को जारी किया गया है।

मानवता की मिसाल: विभूतिपुर के मो. हसमत ने लिया अंगदान का संकल्प, मौत के बाद भी देंगे नया जीवन 2अंगदान के इस संकल्प के माध्यम से उन्होंने मृत्यु के बाद जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन देने की दिशा में पहल की है। अंगदान से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को जीवनदान मिल सकता है। एक व्यक्ति का अंगदान कई जरूरतमंद लोगों के जीवन में नई उम्मीद जगा सकता है। 

मानवता की मिसाल: विभूतिपुर के मो. हसमत ने लिया अंगदान का संकल्प, मौत के बाद भी देंगे नया जीवन 3अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और लोगों को इस नेक कार्य के लिए प्रेरित करने की जरूरत है, ताकि अंगों की कमी के कारण इलाज का इंतजार कर रहे मरीजों को मदद मिल सके। मो हसमत का यह संकल्प समाज में अंगदान के महत्व को लेकर सकारात्मक संदेश देता है। 

मानवता की मिसाल: विभूतिपुर के मो. हसमत ने लिया अंगदान का संकल्प, मौत के बाद भी देंगे नया जीवन 4इससे उन जीवन को जीवन दान मिल सकेगी जो जिंदगी के आस छोड़ चुके हैं अथवा उनके स्वजन उनके नई जिन्दगी की आस छोड़ चुके होंगे। ऐसे करने वाले व्यक्ति राष्ट्र के लिए जाना जाता है और वह समाज में वह अमर रहता है। वह अपने लिए अमर कृतिमान स्थापित कर लेता है।

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