भगवान महावीर के पांच सिद्धांत विश्व शांति के लिए बनेंगे प्रेरणा।
डीएनबी भारत डेस्क

अहिंसा, त्याग और शांति का संदेश देने वाली भगवान महावीर की निर्वाणभूमि पावापुरी में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया अपने परिवार के साथ पहुंचे।
इस दौरान उन्होंने जैन धर्म के प्रमुख तीर्थस्थलों पर दर्शन-पूजन किया और भगवान महावीर के संदेशों को विश्व शांति के लिए प्रासंगिक बताया। राज्यपाल के आगमन पर सबसे पहले जीविका दीदियों ने फूलों से उनका और उनके परिवार का स्वागत किया।
इसके बाद निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत उन्हें सलामी दी गई।स्वागत कार्यक्रम के बाद राज्यपाल का काफिला श्वेतांबर मंदिर पहुंचा, जहां उन्होंने दर्शन-पूजन किया।
इसके बाद वे समवशरण मंदिर पहुंचे और भगवान महावीर के दर्शन किए। अंत में राज्यपाल अपने परिवार के साथ प्रसिद्ध जल मंदिर पहुंचे और पूजा-अर्चना की।राज्यपाल ने कहा कि भगवान महावीर की निर्वाणस्थली पावापुरी की पावन धरती लगभग 2600 वर्षों से अहिंसा, शांति और मानवता का संदेश देती आ रही है।
यहीं भगवान महावीर ने तपस्या और साधना की तथा अपने साधु-संतों को लगभग 48 घंटे तक लगातार देशना दी। उनके जीवन का अंतिम पड़ाव भी यही धरती बनी।उन्होंने कहा कि पावापुरी केवल जैन समाज ही नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए महत्वपूर्ण है। भगवान महावीर के पांच सिद्धांत अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह आज भी विश्व शांति का मार्ग दिखाते हैं।
यदि दुनिया इन सिद्धांतों को अपनाए, तो हिंसा और अशांति को कम करने में मदद मिल सकती है। उनका संदेश ‘जियो और जीने दो’ आने वाले समय में भी विश्व शांति के लिए प्रेरणा देता रहेगा।
डीएनबी भारत डेस्क