।गुजरात की परंपरा का नालंदा में दिखा रंग, डांडिया कार्यक्रम में उमड़ी भीड़, डांडिया के जरिए सामाजिक समरसता का संदेश
डीएनबी भारत डेस्क

नवरात्र के मौके पर नालंदा में भक्ति और उत्साह का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। शहर से लेकर गांव तक डांडिया की धूम मची हुई है। इसी कड़ी में परवलपुर नगर पंचायत में भारत माता पूजा समिति और बिहारशरीफ के श्रम कल्याण केंद्र के मैदान में डांडिया कार्यक्रम का आयोजन किया गया,
जहां सैकड़ों श्रद्धालु भक्ति गीतों की धुन पर डांडिया खेलते नजर आए।रंग-बिरंगे परिधानों में सजे श्रद्धालुओं ने डांडिया खेलकर नवरात्र का उत्सव मनाया। इस दौरान पूरा माहौल भक्तिमय और उत्साह से सराबोर रहा। श्रद्धालुओं का कहना है कि दूसरे की संस्कृति अपनाने से किसी का मान-सम्मान कम नहीं होता, बल्कि इससे सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे को बढ़ावा मिलता है।
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जरात का पारंपरिक लोकनृत्य डांडिया अब देश के दूसरे हिस्सों में भी लोकप्रिय हो रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, डांडिया को मां दुर्गा और महिषासुर के बीच नौ दिनों तक चले युद्ध का प्रतीकात्मक मंचन माना जाता है।
वहीं, आयोजकों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन से सनातन संस्कृति को बढ़ावा मिलता है और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत को जानने और समझने का अवसर मिलता है।
डीएनबी भारत डेस्क