डीएनबी भारत डेस्क
स्वच्छ भारत मिशन के तहत बने समुदायिक शौचालय को किसी स्वच्छ छवि वाले पदाधिकारियों की तलाश है।जो इसके बद से बद्तर हालात में छोर स्वच्छता के ढिंढोरा पीटने के लिए कभी कभी चमचमाती रोड या साफ सुथरे सरको पर फोटो खिंचवाने के लिए झारू तक पकर लेते हैं।
जी हां मैं बात कर रहा हूं वीरपुर प्रखंड क्षेत्र के गेन्हरपुर पंचायत के वार्ड नं 5 रविदास टोला में बर्ष 20-21 में बने 2 लाख 6 हजार 4 सौ रुपए से बने समुदायिक शौचालय का।जो अपने बदहाली से निजात पाने के लिए किसी स्वच्छ छवि वाले पदाधिकारी की तलाश इस लिए कर रहा है कि मेरे नाम पर इतनी राशि निकाली तो गई। फिर मुझे सही से और लागत के अनुरूप कियों नहीं बना गया।
जो में एक बर्ष के अंदर ही बद से बद्तर हो गया। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि शौचालय निर्माण में विभागीय निर्देशों का पालन विभाग के द्वारा नहीं किया गया है।इसकी जांच होनी चाहिए। दोषी पदाधिकारी हों या जनप्रतिनिधि उन्हें आर्थिक और न्याय संगत दण्ड मिलना चाहिए।
बेगूसराय वीरपुर संवाददाता गोपल्लव झा की रिपोर्ट