आदर्श मध्य विद्यालय नारेपुर में ‘आयुर्विधा स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम’ आयोजित, बच्चों को दिए गए सेहत व योग के टिप्स

DNB Bharat Desk

बछवाड़ा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत आदर्श मध्य विद्यालय नारेपुर के प्रांगण में शनिवार को राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत आयुर्विधा स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम’ का भव्य आयोजन किया गया। यह विशेष जागरूकता सत्र राजकीय आयुर्वेदिक औषधालय अझौर बछवाड़ा के तत्वावधान में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का नेतृत्व औषधालय के चिकित्सा प्रभारी डॉ. सुजीत कुमार ने किया।

जिसमें विद्यालय के छात्र-छात्राओं को पारंपरिक आयुर्वेद, संतुलित जीवनशैली, दैनिक योग और प्रकृति से जुड़ने के व्यावहारिक उपायों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान चिकित्सा प्रभारी डॉ. सुजीत कुमार ने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है। आज के बदलते दौर में जब बच्चे जंक फूड खाद्य पदार्थों की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं, तब आयुर्वेद के मूल सिद्धांत आहार ही सबसे बड़ी औषधि है इसको समझना बेहद जरूरी है। उन्होंने बच्चों को समझाया कि ताजा मौसमी और घर का बना सादा भोजन शरीर को पोषण देने के साथ-साथ रोगों से लड़ने की स्वाभाविक क्षमता भी बढ़ाता है।

आदर्श मध्य विद्यालय नारेपुर में ‘आयुर्विधा स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम’ आयोजित, बच्चों को दिए गए सेहत व योग के टिप्स 2भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, ताजे फल, दूध और पर्याप्त पानी का नियमित सेवन बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए आवश्यक है। फास्ट फूड, अत्यधिक तैलीय और बासी भोजन पाचन तंत्र को कमजोर कर कई बीमारियों का कारण बनते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को आयुर्वेद के अनुसार दैनिक जीवनशैली में अनुशासन अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि सूर्योदय से पूर्व जागना, नियमित रूप से शौच व दंतधावन, पर्याप्त मात्रा में गुनगुना जल पीना और समय पर सोने की आदत बच्चों को कई सामान्य मौसमी संक्रमणों और बीमारियों से दूर रखती है।इसके साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में योग और प्राणायाम को शामिल करने की सलाह दी। बच्चों को अनुलोम-विलोम, भ्रामरी, सूर्य नमस्कार और ताड़ासन जैसे सरल योगासनों के लाभ समझाए गए।

आदर्श मध्य विद्यालय नारेपुर में ‘आयुर्विधा स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम’ आयोजित, बच्चों को दिए गए सेहत व योग के टिप्स 3उन्होंने कहा कि 15 से 20 मिनट का नियमित योगाभ्यास छात्रों में एकाग्रता, स्मरण शक्ति और मानसिक शांति को बढ़ाता है, जिससे पढ़ाई में उनका प्रदर्शन बेहतर होता है। जागरूकता सत्र के उपरांत विद्यालय परिसर में बच्चों के बीच औषधीय पौधे वितरित किए गए। विद्यार्थियों को तुलसी, एलोवेरा जैसे औषधीय पौधों के घरेलू उपयोग, प्राथमिक उपचार में उनकी भूमिका तथा उनकी देखभाल के तरीके बताए गए। उन्होंने कहा कि हर घर में एक औषधीय पौधा होना चाहिए ताकि सामान्य सर्दी, जुकाम और पेट की समस्याओं में प्राकृतिक तरीके से राहत मिल सके।

आदर्श मध्य विद्यालय नारेपुर में ‘आयुर्विधा स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम’ आयोजित, बच्चों को दिए गए सेहत व योग के टिप्स 4बच्चों ने संकल्प लिया कि वे न केवल इन पौधों को अपने घरों में लगाएंगे, बल्कि उनकी नियमित देखभाल भी करेंगे। कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों और प्रधानाध्यापक ने स्वास्थ्य विभाग की इस पहल की सराहना की। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि इस प्रकार के व्यावहारिक सत्र बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। किताबी ज्ञान के साथ-साथ जब बच्चों को अपनी सेहत, परंपरा और प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाया जाता है, तो वे एक स्वस्थ समाज के निर्माण में अग्रदूत बनते हैं।

कार्यक्रम के समापन पर बच्चों ने स्वास्थ्य और स्वच्छता के नियमों का पालन करने की शपथ ली। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकगण, स्वास्थ्य कर्मी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। मौके बीइओ संजीव कुमार,प्रधानाध्यापक विशेश्वर पासवान,पी टी प्रिंस कुमार,रामकुमार चौधरी समेत दर्जनों छात्र-छात्रा मौजूद रहे।

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