डीएनबी भारत डेस्क
बेगूसराय में पुलिस और पब्लिक के बीच उस समय जबरदस्त हंगामा और हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब एक मरीज को लेकर जा रही बोलेरो गाड़ी की कथित तौर पर पुलिस वाहन से टक्कर हो गई। इसके बाद सड़क पर घंटों तक अफरा-तफरी, नोकझोंक, हाथापाई और हंगामा चलता रहा।

मामला लोहियानगर थाना क्षेत्र के पन्हास चौक का है, जहां पुलिस और आम लोगों के बीच हुए विवाद का वीडियो भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि चेरिया बरियारपुर से एक गंभीर मरीज को लेकर परिजन बोलेरो गाड़ी से बेगूसराय इलाज के लिए आ रहे थे। इसी दौरान पन्हास चौक के समीप बोलेरो की पुलिस वाहन से टक्कर हो गई। टक्कर के बाद मौके पर हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई।
आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने बोलेरो चालक को रोककर गाड़ी की चाबी अपने कब्जे में ले ली। चालक और मरीज के परिजनों का आरोप है कि गाड़ी में गंभीर मरीज सवार था और इलाज के लिए उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाना जरूरी था। इसके बावजूद पुलिसकर्मियों ने वाहन को रोक दिया। इससे परिजन आक्रोशित हो गए और मौके पर पुलिस तथा परिजनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की और हाथापाई तक पहुंच गई।
बोलेरो चालक का कहना है कि दुर्घटना के बाद वह नुकसान की भरपाई करने को तैयार था, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसकी बात नहीं सुनी और जबरन चाबी छीन ली। चालक ने आरोप लगाया कि पुलिस उन्हें थाना ले जाने का दबाव बना रही थी, जबकि वाहन में मौजूद मरीज की हालत गंभीर थी। चालक का कहना है कि यदि मरीज को समय पर इलाज नहीं मिलता तो उसकी जान भी जा सकती थी।
वहीं पुलिसकर्मियों का कहना है कि उनका वाहन पन्हास चौक के पास खड़ा था। इसी दौरान तेज रफ्तार बोलेरो ने पीछे से टक्कर मार दी, जिससे पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। पुलिस का दावा है कि उन्होंने केवल वाहन चालक से नुकसान की भरपाई करने का अनुरोध किया था, लेकिन चालक और उसके साथ मौजूद लोग उलझ पड़े और विवाद बढ़ गया।घटना के दौरान सड़क पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जुट गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पुलिस और आम लोगों के बीच लंबे समय तक बहस, हंगामा और धक्का-मुक्की होती रही। बाद में स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। सड़क पर पुलिस और पब्लिक के बीच हुए इस विवाद ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि मामले की जांच के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है।
डीएनबी भारत डेस्क