समस्तीपुर: पूर्व मंत्री आलोक मेहता ने की भगवान सिंह कुशवाहा के बयान की निंदा, कहा – ‘संकीर्ण और सामंती सोच का प्रतीक’

DNB Bharat Desk

समस्तीपुर: उजियारपुर के विधायक सह बिहार के पूर्व मंत्री आलोक कुमार मेहता ने जनता दल यूनाइटेड के नेता व बिहार सरकार के मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा द्वारा यादव समाज को लेकर की गई अभद्र एवं अपमानजनक टिप्पणी की कड़ी शब्दों में निंदा की है l

 आलोक कुमार मेहता ने कहा कि भगवान सिंह कुशवाहा का यह बयान न केवल निंदनीय है बल्कि बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने वाला है। यादव समाज इस देश और बिहार का एक सम्मानित, मेहनतकश, किसान और राष्ट्रवादी समाज है। इस समाज ने देश की आजादी से लेकर आज तक सेना, खेती, खेल, शिक्षा, राजनीति हर क्षेत्र में अपना अमूल्य योगदान दिया है।

समस्तीपुर: पूर्व मंत्री आलोक मेहता ने की भगवान सिंह कुशवाहा के बयान की निंदा, कहा - 'संकीर्ण और सामंती सोच का प्रतीक' 2 ऐसे गौरवशाली समाज के बारे में इस तरह की ओछी और अमर्यादित टिप्पणी करना उनकी संकीर्ण मानसिकता और सामंती सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि बिहार महात्मा बुद्ध, सम्राट अशोक, जननायक कर्पूरी ठाकुर और लोकनायक जयप्रकाश नारायण की धरती है, यहाँ सभी जाति-धर्म के लोग आपसी भाईचारे के साथ रहते हैं। 

संविधान हर किसी को बोलने की आजादी देता है लेकिन किसी को भी किसी समाज, जाति या धर्म को अपमानित करने की इजाजत नहीं देता। एक जिम्मेदार पद पर बैठे मंत्री को तो बोलने से पहले सौ बार सोचना चाहिए।

समस्तीपुर: पूर्व मंत्री आलोक मेहता ने की भगवान सिंह कुशवाहा के बयान की निंदा, कहा - 'संकीर्ण और सामंती सोच का प्रतीक' 3उन्होंने मांग की कि भगवान सिंह कुशवाहा अपने इस शर्मनाक बयान पर बिहार की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगे और मुख्यमंत्री को भी ऐसे मंत्री पर कार्रवाई करनी चाहिए जो समाज में नफरत फैलाने का काम कर रहे हैं।

समस्तीपुर संवाददाता अफरोज आलम की रिपोर्ट

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