डीएनबी भारत डेस्क
बड़ी खबर समस्तीपुर से आ रही जहां स्थानीय व्यवहार न्यायालय परिसर में उस समय हड़कंप मच गया, जब पेशी के दौरान एक विचाराधीन कैदी पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में अफरा-तफरी मच गई।

नगर थाना व मुफस्सिल थाना की पुलिस के अलावे डीआईयू की टीम मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुट गई। फरार बंदी की तलाश में कोर्ट परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। फरार विचाराधीन बंदी की पहचान उजियारपुर थाना क्षेत्र के नाजिरपुर निवासी विजय सिंह के पुत्र रोशन कुमार उर्फ साजन के रूप में हुई है। वह पिछले करीब एक वर्ष से पॉक्सो एक्ट के एक मामले में मंडल कारा में न्यायिक हिरासत में बंद था। जानकारी के अनुसार पॉक्सो कोर्ट में उसकी पेशी निर्धारित थी।
कोर्ट हाजत की पुलिस उसे अभिरक्षा में लेकर न्यायालय पहुंची। बताया जाता है कि जैसे ही कोर्ट में पेश करने के लिए पुलिस ने उसकी हथकड़ी खोलनी शुरू की, उसी दौरान उसने पुलिस को चकमा दिया और मौके से फरार हो गया। घटना के बाद न्यायालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने तत्काल कोर्ट परिसर और आसपास के क्षेत्रों की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया, लेकिन फरार आरोपित का कोई सुराग नहीं मिल सका।
अधिवक्ता सुमित कुमार ने बताया कि रोशन कुमार उर्फ साजन के विरुद्ध पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज है और इसी मामले में उसे पूर्व में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। सोमवार को उसी मामले में उसकी पेशी थी, जहां से वह पुलिस अभिरक्षा से भाग निकला। फिलहाल नगर थाना पुलिस और डीआईयू की टीम फरार आरोपित की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि सुरक्षा व्यवस्था में चूक कैसे हुई।
गौरतलब है कि इससे पहले भी समस्तीपुर व्यवहार न्यायालय परिसर से पुलिस अभिरक्षा से बंदी के फरार होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। एक बार फिर हुई इस घटना ने न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
समस्तीपुर संवाददाता अफरोज आलम की रिपोर्ट