चेरियाबरियारपुर विधायक के आवास पर शिक्षकों का सत्याग्रह, शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा मिलना चाहिए -राजवंशी महतो

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उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से मिलकर इस मसले पर सार्थक पहल का करेंगे आग्रह- राजवंशी महतो, बिहार शिक्षक संघर्ष मोर्चा के द्वारा विधायकों का घेराव।

डीएनबी भारत डेस्क 

बेगूसराय जिला के खोदाबंदपुर प्रखंड में 25 मई को बिहार अध्यापक नियमावली में संशोधन और कार्यरत शिक्षकों को बिना शर्त राज्यकर्मी घोषित करने की मांग पर बिहार शिक्षक संघर्ष मोर्चा की तरफ से प्रतिवाद जारी है। मोर्चा के आह्वान पर सूबे के तमाम विधायकों के आवास पर पहुंचकर शिक्षक अपनी मांगों पर विधायकों से समर्थन मांग रहे है।

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चेरियाबरियारपुर विधायक के आवास पर शिक्षकों का सत्याग्रह, शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा मिलना चाहिए -राजवंशी महतो 2

इसी क्रम में आज चेरिया बरियारपुर विधायक और राजद सचेतक राजवंशी महतो के बसही स्थित आवास पर बिहार शिक्षक संघर्ष मोर्चा से संबद्ध शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों और शिक्षकों का जत्था पहुंचा। मोर्चा ने विधायक से स्थानीय निकायों में कार्यरत शिक्षकों को बिना शर्त राज्यकर्मी घोषित करने के लिए विधायक से मांग उठाने की अपील की।

विधायक राजवंशी महतो ने कहा कि शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा मिलना चाहिए लेकिन लिखित समर्थन विचारोपरांत ही देंगें। उन्होनें कहा कि वे सरकार से बंधे हुए हैं लेकिन शिक्षकों के राज्यकर्मी बनाये जाने के वो पक्षधर हैं। उन्होंने उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से मिलकर इस मसले पर सार्थक पहल का आश्वासन दिया।

बिहार शिक्षक संघर्ष मोर्चा के जत्थे का नेतृत्व कर रहे टीइटी एसटीइटी उत्तीर्ण नियोजित शिक्षक संघ गोपगुट के जिला अध्यक्ष मुकेश कुमार मिश्र और महासचिव ज्ञानप्रकाश ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा जारी नई अध्यापक नियमावली सूबे के विद्यालयों में वर्षों से कार्यरत टीइटी उत्तीर्ण शिक्षकों के साथ धोखा है। समान वेतन पर सुप्रीमकोर्ट के न्यायादेश का पालन करते हुए कार्यरत शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा तदनुरूप सेवाशर्त मिलनी चाहिए लेकिन सरकार‌ नियमावलियों के मकड़जाल में शिक्षकों का गला घोंट रही है।

महागठबंधन सरकार ने शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देने का वादा किया था लेकिन नई नियमावली में कार्यरत शिक्षकों के लिए कुछ भी नहीं है। सरकार अपना वादा पुरा करे अन्यथा शिक्षक संघर्ष तेज करेंगें। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित छौड़ाही प्रखंड के शिक्षक नेता घनश्याम कुमार और खोदावंदपुर प्रखंड के शिक्षक नेता सुंदरेश बबलु ने कहा कि एक ही विद्यालय में शिक्षकों के अलग-अलग संवर्ग बनाना बंद होना चाहिए।

शिक्षकों के एक संवर्ग की नीति सरकार को बनानी चाहिए। नियमित शिक्षकों की भांति हो पूर्ण वेतनमान और सेवाशर्त की मांगों पर शिक्षक संघर्ष जारी रहेगा। नियोजनवाद से मुक्ति का रास्ता मजबूत शिक्षक प्रतिरोध से ही बनेगा।

मौके पर राहुल विकास, अभिनंदन कुमार, रवि कुमार, धर्मांशु झा, सरोज कुमार सिंह, सुमित कुमार सिंह, पूनम कश्यप, अभिषेक रंजन, शंभु कुमार, विक्रांत ठाकुर, छौड़ाही से राजीव रंजन, शंभु महतो, पंकज रौशन, शमशुल होदा, राजीव कुमार, राकेश कुमार, खोदाबंदपुर से प्रशांत चंद्र झा, अमित कुमार, राजीव कुमार, रविंद्र कुमार, प्रदीप कुमार, चेरिया बरियारपुर से वीरेंद्र कुमार, भगवानपुर से धर्मेंद्र कुमार, त्रिभुवन सिन्हा, रामकुमार शर्मा, मृत्यूंजय पाठक, खुशबू कुमारी, विकास मिश्रा, सदानंद पाठक, युसुफ आजाद, राधारमण पाठक, निशाब अंसारी, रामपदारथ चौरसिया, बाबुल कुमार, विजय कुमार सहित सैकड़ों शिक्षक उपस्थित थे।

बेगूसराय खोदावंदपुर संवाददाता नीतेश कुमार गौतम 

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