डीएनबी भारत डेस्क
बरौनी। 9 बिहार बटालियन एनसीसी, बरौनी के तत्वावधान में आयोजित CATC-XIV कैंप में भगलपुर ग्रुप के कैडेटों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में 526 कैडेटों, जिनमें 300 बालक और 226 बालिका कैडेट शामिल हैं, ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। गीत, नृत्य, नाटक और देशभक्ति से जुड़ी प्रस्तुतियों ने कैंप के माहौल को उत्साह और उमंग से भर दिया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम का संचालन कैडेट शांभवी और कैडेट अमर ने उद्घोषक के रूप में किया। दोनों ने अपनी प्रभावी प्रस्तुति और आत्मविश्वास से कार्यक्रम को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया।
कार्यक्रम की शुरुआत ग्रुप डांस ‘रंगीला मारो ढोलना’ से हुई। इसके बाद ‘ये देश है वीर जवानों का’ पर एकल नृत्य ने देशभक्ति का माहौल बनाया। ‘आजा नचले’ पर ग्रुप डांस ने दर्शकों की तालियां बटोरीं। कार्यक्रम में तबला वादन की विशेष प्रस्तुति भी हुई।
इसके बाद कैडेटों ने ‘पनिया के जहाज’ और छठ गीत, ‘वंदे मातरम्’, तथा ‘बड़ी मुश्किल बाबा बड़ी मुश्किल’ जैसे गीतों पर नृत्य प्रस्तुत किया। ‘साइड इफेक्ट्स ऑफ सोशल मीडिया’ पर आधारित स्किट के माध्यम से सोशल मीडिया के सकारात्मक और नकारात्मक प्रभावों को मनोरंजक अंदाज में प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम में ‘तिरंगा’ गीत, मिथिला गीत, ‘राधा कैसे न जले’, ‘जट-जटिन’ और अन्य प्रस्तुतियां भी शामिल रहीं। बिहार की लोक संस्कृति की झलक जट-जटिन और मिथिला गीत की प्रस्तुति में देखने को मिली। वहीं, ‘नशा मुक्ति’ पर आधारित स्किट के माध्यम से कैडेटों ने युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में ‘अमी जे तोमार’, ‘आरंभ है प्रचंड’ और ‘खइके पान बनारस वाला’ जैसी प्रस्तुतियों ने भी खूब मनोरंजन किया। अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों की संस्कृति से जुड़े गीतों और नृत्यों ने कार्यक्रम को विविधता से भर दिया।
एनसीसी कैंप में आयोजित यह सांस्कृतिक कार्यक्रम केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं रहा, बल्कि कैडेटों को मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने, आत्मविश्वास बढ़ाने, टीम भावना विकसित करने और भारतीय संस्कृति को समझने का अवसर भी मिला।
मुख्या अतिथि कर्नल दीपक कुमार 9 बिहार बटालियन ने कैडेट्स को सम्बोधित करते हुए कहा कि एनसीसी, बरौनी के CATC-XIV कैंप में प्रशिक्षण गतिविधियों के साथ आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि एनसीसी युवाओं में अनुशासन और नेतृत्व क्षमता के साथ-साथ सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रप्रेम की भावना को भी मजबूत करने का महत्वपूर्ण मंच है।
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