खोदावंदपुर में शिक्षकों को आवास की समस्या, जैसे तैसे बना रहे सामंजस्य, छह हजार में मिल रहा है मकान

DNB Bharat Desk

डीएनबी भारत डेस्क

बेगूसराय जिले के खोदावंदपुर प्रखंड में बीपीएससी द्वारा कुल 228 शिक्षकों का नियुक्ति किया गया है । इनमें अबतक 121 शिक्षकों ने आवंटित विद्यालय में योगदान कर चुके है । योगदान के पश्चात मंगलवार से नियमित शिक्षको के द्वारा वर्ग संचालन का कार्य आरंभ कर दिया है। वर्तमान में इन शिक्षकों के सामने अपने आवास की समस्या है। सर्वाधिक समस्या उन शिक्षक शिक्षिकाओं को है जो दूसरे प्रान्त के आलावा जिले के बाहर से खोदावंदपुर के विभिन्न विद्यालयों में अपना योगदान दिए हैं।
खोदावंदपुर प्रखंड पूर्णतः सुदूर ग्रामीण इलाका है । यहां के स्थानीय लोगो को खुद को रहने के लिए आवश्यकता के अनुरूप की बात तो छोड़ दीजिए तो काम चलाने के लिए भी घर नही है । लोग जैसे तैसे गुजारा कर रहे हैं । गांव को छोड़ दिया जाय तो प्रखंड मुख्यालय में चार पांच ऐसे लोग हैं जो किराया लगाने के उद्देश्य से ही घर बना रखा है । इनके यहां पहले से ही कर्मचारी किरायेदार के रूप में रह रहे हैं । प्रखंड में दो कमरा एक किचन और एक बाथरूम का किराया छः हजार रुपया है उपर से बिजली पानी का किराया अलग ।
वैसा फ्लेट जिसमे सामूहिक शौचालय और स्नानागार रूम है किचन नही  है । वैसे में एक रूम का किराया बिजली पानी सहित एक कमरे का किराया 25 सौ से तीन हजार रुपये किराया मांगा जा रहा है । मरता क्या नही करता । नवनियुक्त शिक्षक जैसे तैसे आवासन का जुगाड़ कर रहे हैं । वैसे शिक्षक जो परिवार के साथ रहना चाहते हैं अथवा जिनको खोदावंदपुर में जगह नही मिला वेलोग प्रखंड मुख्यालय से 15 किलोमीटर दूर रोसड़ा या फिर 35 किलोमीटर दूर बेगूसराय में अभी रह रहे हैं ।
बाद में जैसा होगा वैसा सामंजस्य करेंगे । एक समय था , जब गांव देहात में लोग शिक्षक को अपने दरवाजे पर बच्चे पढ़ाने लिखाने के लिए रख लिया करते थे ।शिक्षक बच्चे को पढ़ाते थे बदले में घरवाले उनको आवासन और खाने के लिए देते थे । अब न तो लोग अपने दरवाजे पर शिक्षकों को रखना चाहते हैं और न ही नवनियुक्त शिक्षक वैसा रहना पसंद ही करते हैं ।

बेगूसराय खोदावंदपुर संवाददाता नितेश कुमार की रिपोर्ट

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