कचरा और अतिक्रमण से पटा है मलमल्ला पोखड़ा का छठ

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बेगूसराय जिला के खोदावंदपुर प्रखण्ड क्षेत्र का मामला।

डीएनबी भारत डेस्क 

लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा की गूंज अब चारो तरफ गूंजने लगा है। लोग छठ पूजा की तैयारी में जुटने लगे हैं। सूर्यदेव को अर्घ्य देने के लिए छठ घाटों एवं छठ घाट के पहुंच पथ को लेकर लोगों मे चर्चाएं तेज हो गई है। इस बीच मेघौल पंचायत के मलमल्ला पुवारी पोखड़ा की चर्चा भी लोगों के जुबान पर है।

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इस पोखड़ा पर मेघौल पंचायत के वार्ड 12 एवं 13 मलमल्ला कुशवाहा टोल, दास टोल, राम टोल, पासवान टोल, ठाकुर टोल के अलावे चेरिया बरियारपुर प्रखंड के कुम्भी पंचायत अंतर्गत कुम्भी डेरा टोल तथा सकरबासा पंचायत मोहनपुर टोला के तकरीबन पांच सौ परिवार तथा दो हजार की संख्या में लोग छठ पूजा करने आते हैं। छठ व्रतियों की सुविधा के लिए ग्राम पंचायत द्वारा गत वर्ष 18 लाख की लागत से इस पोखड़ा पर सीढ़ी घाट का निर्माण कराया गया है। पोखड़ा पर सीढ़ी निर्माण के अलावे पोखड़ा के पूरब और पश्चिम मुहाने पर इट खरंजा वाली सड़क का निर्माण भी कराया गया है।

अतिक्रमण और कचरा का शिकार है पोखड़ा

लोगों के बसावट से पोखड़ा तक पहुंचने का रास्ता तो ठीक ठाक है। लेकिन छठ घाट ही कचरा और अतिक्रमण से पटा है। पोखड़ा के दक्षिणी भाग में स्थानीय लोग भैस का बथान बनाएं हैं जहां लोग भैस बांधते है। जिससे छठ घाट गोबर से भरा है। तो पूरब भाग में जहां पर सीढ़ी बना हुआ है वहां तक पहुंचने का इट सोलिंग सड़क कचरा एवं अतिक्रमण का शिकार है। जिससे छठ व्रतियों को परेसानी का सामना करना पड़ेगा। इससे इनकार नहीं किया जा सकता है।

कहते हैं मुखिया

मलमल्ला पुबरी पोखड़ा छठ घाट की बदहाली के बावत पूछने पर पंचायत के मुखिया पुरुषोत्तम सिंह ने बताया कि छठ पूजा लोक आस्था का पर्व है। सभी लोग मिलजुलकर आपसी सद्भाव श्रद्धा और प्रेम पूर्वक इस पर्व को मनाते है। रही बात छठ घाट के साफ सफाई का तो अभी समय बांकी है। दीपावली बाद ग्रामीणों की सहयोग से हमलोगों मिलजुलकर घाट की सफाई किया करते रहे हैं इस बार भी किया जाएगा। छठ व्रतियों के तमाम सुख सुविधाओं का ख्याल रखा जाएगा।

बेगूसराय खोदावंदपुर संवाददाता नीतेश कुमार गौतम 

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