बिहार सरकार की योजना ‘जल जीवन हरियाली’ को ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में मिला ‘अवार्ड ऑफ एक्सेलेंस’

DNB Bharat Desk

ई-गवर्नेस के क्षेत्र में जल-जीवन-हरियाली अभियान को मिला ‘अवार्ड ऑफ एक्सेलेंस’। नई दिल्ली में आयोजित 20वें सीएसआईएसआईजी ई-गवर्नेस पुरस्कार समारोह में मिला सम्मान। जल-जीवन-हरियाली अभियान पोर्टल को परियोजना श्रेणी अंतर्गत प्रतिष्ठित अवार्ड ऑफ एक्सेलैस से किया गया सम्मानित

डीएनबी भारत डेस्क

 

 

बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना जल जीवन हरियाली अभियान को दिनांक 25.03.2023 को नई दिल्ली में आयोजित 20वें सीएसआईएसआईजी ई-गवर्नेस पुरस्कार समारोह में परियोजना श्रेणी अंतर्गत अवार्ड ऑफ एक्सेलेंस से सम्मानित किया गया। कम्प्यूटर सोसाइटी ऑफ इंडिया (सीएसआई) द्वारा प्रत्येक वर्ष ई-गवर्नेस के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली परियोजनाओं को यह पुरस्कार प्रदान किया जाता है।

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उल्लेखनीय है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा 02 अक्टूबर, 2019 को जल-जीवन-हरियाली अभियान की शुरुआत की गयी, जिसका उद्देश्य जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करना तथा पर्यावरण संरक्षण है। इस अभियान के अंतर्गत राज्य भर में 11 विभिन्न अवयवों का क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिसमें सार्वजनिक जल संचयन संरचनाओं को अतिक्रमण मुक्त कराना, उनका जीर्णोद्धार, छत वर्षा जल संचयन, सघन वृक्षारोपण, जैविक कृषि तथा सौर ऊर्जा को प्रोत्साहन दिए जाने जैसे कार्य सम्मिलित हैं। राज्य के 15 विभागों के समन्वय से संचालित इस अभियान का का अनुश्रवण ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत जल-जीवन- हरियाली मिशन के स्तर से किया जा रहा है तथा नियमित रूप से इसकी उच्च स्तरीय समीक्षा की जाती है।बिहार सरकार की योजना 'जल जीवन हरियाली' को ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में मिला 'अवार्ड ऑफ एक्सेलेंस' 2

जल-जीवन-हरियाली मिशन के मिशन निदेशक राहुल कुमार ने जल-जीवन- हरियाली अभियान को ई-गवर्नेस के क्षेत्र में अवार्ड ऑफ एक्सेलेंस से सम्मानित किए जाने को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व भी देश-दुनिया के कई मंचों से इस अभियान को वायापक सराहना मिली है। पर्यावरण संरक्षण तथा जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों को लक्षित ऐसा व्यापक राज्यव्यापी अभियान चलाने वाला बिहार देश का पहला राज्य है। जल जीवन हरियाली अभियान के पोर्टल के माध्यम से विभिन्न विभागों द्वारा जिलांतर्गत किए जा रहे कार्यों के लिए एकीकृत इन्टरफेस उपलब्ध हो पाया है।

साढ़े तीन वर्षों की संचालन अवधि में जल जीवन हरियाली अभियान अंतर्गत लगभग तीस हजार सार्वजनिक तालाबों, पोखरों आहरों, पईनों एवं कुओं को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। अड़सठ हजार से अधिक सार्वजनिक जल संचयन संरचनाओं का जीर्णोद्धार कराया गया है। भू- गर्भ जल के स्तर में अभिवृद्धि के उद्देश्य से राज्य भर में सार्वजनिक कुओं एवं चापाकलों के किनारे लगभग डेढ़ लाख सोख्ता का निर्माण कराया गया है। राज्य के हरित आवरण में बढ़ोतरी हेतु बड़े पैमाने पर पौधशाला सृजन तथा सघन वृक्षारोपण कराया जा रहा है। राज्य अंतर्गत सभी सरकारी भवनों में सौर ऊर्जा संयंत्र तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जा रहे हैं ।

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा पिछले वर्ष ही जल जीवन हरियाली अभियान को वर्ष 2024-25 तक के लिए विस्तारित किया गया है।

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