विलुप्त हो रही नाट्य कला को पुनर्जीवित कर रहा नालंदा नाट्य संघ

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डीएनबी भारत डेस्क 

नवरात्र के मौके पर बिहारशरीफ के डाकबंगला मोड़ पर नालंदा नाट्य संघ के कलाकारों द्वारा शहरी क्षेत्रों में विलुप्त हो रही नाट्य परंपरा को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से दो दिवसीय नाट्य सह संस्कृति कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नाट्य का उद्घाटन समाजसेवी अरविंद कुमार सिन्हा द्वारा किया गया। इस मौके पर उन्होंने नालंदा नाट्य संघ के सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि आज के परिवेश में नाट्य कला विलुप्त होती जा रही है। इस विलुप्त हो रही नाट्य परंपरा को पिछले 66 साल से संघ के कलाकार पुनर्जीवित करने का प्रयास कर रहे हैं। जो काबिले तारीफ है।

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एक वक्त था जब नाट्य को देखने के लिए दूर दूर से लोग आते थे। बहुत लोगों का इससे जुड़ाव हुआ करता था। मगर अब लोग इससे दूर होते जा रहे हैं। ऐसे परिवेश में नालंदा नाट्य संघ के कलाकार इस परंपरा को बचा रहे हैं वह बहुत बड़ी बात है। संघ के सचिव संजय कुमार डिस्को ने बताया कि पिछले 2 साल से कोरोना काल के कारण सभी तरह के आयोजन पर रोक था। इस बार स्थिति सामान्य होने पर माता के जहाँ लोग आशीर्वाद ले रहे हैं। वही संघ के कलाकारों द्वारा शिव तांडव, जय माँ काली, शरणा वरना जैसे नाट्य का मंचन किया जा रहा हैै। नाट्य को देखने के लिए दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी।

नालंदा से ऋषिकेश

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